नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय फुटबाल टीम के कोच स्टीफेन कोंस्टैनटाइन ने मंगलवार को कहा कि फिटनेस ट्रेनर की अपेक्षा स्पोर्ट्स साइंटिस्ट का महत्व कहीं अधिक होता है, जिसकी भारत में इस समय भारी कमी है।
अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) की आधिकारिक वेबसाइट पर कोंस्टैनटाइन के हवाले से कहा गया है, “एक स्पोर्ट्स साइंटिस्ट फिटनेस कोच से कहीं अधिक महत्व वाला होता है। चूंकि भारत में फिटनेस कोच हैं, लेकिन स्पोर्ट्स साइंटिस्ट की भारी कमी है।”
स्पोर्ट्स साइंटिस्ट की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, “फिजिकल फिटनेस के अलावा एक स्पोर्ट्स साइंटिस्ट खिलाड़ियों के आहार, व्यक्तिगत कार्यक्रमों, शारीरिक प्रशिक्षण के कार्यक्रम, फिजिकल स्ट्रेंथ और खिलाड़ियों में सुधार पर भी नजर रखता है। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए हमने युवा, ऊर्जावान और भारतीय टीम की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर तरह से मदद करने के लिए तैयार डैनी डीगान को नियुक्त किया है।”
उल्लेखनीय है कि कोंस्टैनटाइन की सिफारिश पर एआईएफएफ ने स्पोर्ट्स साइंटिस्ट डैनी डीगान की सेवाएं ली हैं।
कोंस्टैनटाइन ने कहा, “मेरे सहायक प्रशिक्षकों में शामिल स्पोर्ट्स साइंटिस्ट डैनी डीगान आस्ट्रेलिया के नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर स्पोर्ट्स में काम कर चुके हैं तथा स्पोर्ट्स साइंस में अपने अनुशासन, प्रतिबद्धता और कौशल के लिए जाने जाते हैं। “
भारतीय कोच ने कहा, “मुझे लगता है कि डैनी, भारतीय गोलकीपिंग कोच रोजेरियो रामोस और सहायक कोच और यू-19 टीम के मुख्य कोच ली जॉनसन यदि यू-19 टीम के लिए मिलकर काम करते हैं तो वे एक बेहतर यू-23 टीम बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं, जो राष्ट्रीय टीम के लिए भी अच्छा होगा।”
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