कोलकाता, 21 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था तीन साल में बढ़कर दो गुनी हो सकती है और इसमें 20,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की पूरी संभावना है। यह बात शुक्रवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कही।
प्रभु ने हालांकि कहा कि इसके लिए सोच में स्पष्टता और व्यापक योजना की जरूरत है।
उन्होंने यहां इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के 40वें क्षेत्रीय सम्मेलन में कहा, “महंगाई दर घट गई है। अर्थव्यवस्था में तेजी दिखाई पड़ रही है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ रहा है। विदेशी निवेशकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के प्रति गहरा सम्मान है और वे भारत में निवेश करना चाहते हैं।”
प्रभु ने कहा, “इस पृष्ठभूमि में हम तीन या साढ़े तीन साल में अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना कर सकते हैं।”
प्रभु ने हालांकि कहा कि गरीबी उन्मूलन और भ्रष्टाचार खत्म करना भी जरूरी है।
प्रभु खुद भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
उन्होंने कहा, “गरीबी बरकरार रहे, तो विकास बेमानी है। साथ ही विकास के साथ क्षमता और उत्पादकता बढ़नी चाहिए। इसलिए सोच में स्पष्टता की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “इसलिए समावेशी विकास तथा गरीबी और भ्रष्टाचार उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करने के लिए संगठित प्रयास और व्यापक रणनीति अपनाने की जरूरत है।”
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