महिलाएं चाहें तो रुक सकती है कन्या भ्रूणहत्या : नाईक

इलाहाबाद, 21 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को कहा कि भ्रूणहत्या करने के मामले में कहीं न कहीं महिला डॉक्टर ही शामिल होती हैं। यदि इच्छाशक्ति आ जाए तो यही महिला डॉक्टर यह कार्य नहीं करेंगी। उन्होंने स्पष्टतौर पर कहा कि जिस महिला के गर्भ में कन्या है, वह भी चाहती है कि कन्या न पैदा हो। ऐसे में महिलाएं ही महिलाओं के लिए बाधा उत्पन्न करती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हमेशा लड़कों को दोष नहीं देना चाहिए। यदि महिलाएं इच्छाशक्ति मजबूत कर लें कि उन्हें कन्या की भ्रूणहत्या नहीं करनी है, तो यह समस्या एकदम से नियंत्रित हो जाएगी।

नाईक ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम में यह बातें कही।

राज्यपाल ने कहा, “नारी शक्ति को लेकर यह कार्यक्रम किया जा रहा है, लेकिन मैं देख रहा हूं कि इस हॉल में दो तिहाई से ज्यादा लड़के हैं। इसलिए हमेशा लड़कों को दोष नहीं दिया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ महिलाएं ही महिलाओं की प्रगति में बाधा उत्पन्न करती हैं। नारी सशक्तीकरण के मामले में संवेदनशीलता और इच्छाशक्ति बढ़ाने की जरूरत है। यदि भ्रूणहत्या की जा रही है, तो इसे रोकने के लिए संवेदनशीलता सहायक हो सकती है।

नाईक ने उप्र में कानून व्यवस्था को लेकर सपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सूबे में महिलाओं से दुष्कर्म और हत्याएं बढ़ी हैं। महिलाएं अत्याचार से तंग आकर फांसी लगा रही हैं। इस तरह की घटनाओं पर सरकार को नियंत्रण करना चाहिए। अपराध के संबंध में कठोर कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।

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