पेंटागन के प्रवक्ता पीटर कुक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एस-300 प्रक्षेपास्त्र प्रणाली ईरान को बेचे जाने की संभावना से संबंधित खबरों पर हम लंबे समय से चिंता जाहिर कर रहे हैं। हम इसे एक सकारात्मक कदम के तौर पर नहीं देख रहे।”
उन्होंने कहा, “लेकिन प्रक्षेपास्त्र प्रणाली स्थापित हो जाने के बाद भी यहां रक्षा विभाग, और राष्ट्रपति के पास विकल्प मौजूद रहेंगे।”
स्थानीय मीडिया रपट के मुताबिक, ईरान के रक्षामंत्री हुसैन दहकान ने मंगलवार को घोषणा की कि जमीन से आसमान में लंबी दूरी तक मार करने वाली एस-300 प्रक्षेपास्त्र प्रणाली की खरीद के लिए ईरान की रूस के साथ सहमति बन गई है।
ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, दहकान ने कहा, “सौदे का मसौदा तैयार है और उस पर दस्तखत करने के लिए हमारे मित्र अगले सप्ताह रूस जाएंगे।”
ईरान द्वारा प्रक्षेपास्त्र प्रणाली खरीदने के लिए सौदा ऐसे वक्त में हुआ है, जब परमाणु संबंधी सभी प्रतिबंधों को हटाने के बदले ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम में कटौती करने के लिए विश्व की छह महाशक्तियों के साथ जुलाई में एक समझौता किया है।
एस-300 प्रक्षेपास्त्र प्रणाली को पहली बार 1979 में उस समय तैनात किया गया था, जब शीत युद्ध अपने चरम पर था। इसकी डिजाइन बड़े प्रतिष्ठानों को हवाई हमलों से बचाने के लिहाज से तैयार की गई है और यह 186 मील या लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से ही बैलेस्टिक मिसाइलों को सूंघ सकती है।
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