कोलकाता, 27 अगस्त (आईएएनएस)। विपक्षी वाम मोर्चा की ओर से गुरुवार को बुलाई गई किसान रैली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के चलते हिसक हो उठी।
रैली की अगुवाई अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध माक्सर्वादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने की और इसे किसान मोर्चा से जुड़े 10 अन्य वाम मोर्चा ने अपना समर्थन दिया।
इसने किसान आत्महत्या और पश्चिम बंगाल में हालिया बाढ़ से उजड़े किसानों के पुनर्वास सहित अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर एक नाबन्ना अभियान (राज्य सचिवालय तक जुलूस) आयोजित किया किया।
रैली चार जगहों से निकाली गई। दो शहर के अंदर-रानी रसमणि रोड और खिदिरपुर और दो पड़ोसी जिले हावड़ा से निकाली गई।
रानी रसमणि रोड पर आंदोलनकारियों द्वारा पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने के बाद रैली हिसक हो उठी।
पुलिस का दावा है कि आंदोलनकारियों द्वारा बरसाए गए पत्थरों में उनके कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, रैली में शामिल वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने पुलिस पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्वयंसेवक के तौर पर व्यवहार करने का आरोप लगाया।
बिमान ने कहा, “पुलिस ने शांतिपूर्ण आंदोलन को भंग करने के लिए तृणमूल स्वयंसेवक के तौर पर काम किया। उन्होंने किसानों पर लाठियां बरसाईं।”
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