एकान्त चौहान
एकान्त चौहान
धमतरी, 27 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में अकाल की संभावनाओं के चलते गुरुवार को धमतरी में किसानों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर पानी मांगा। किसानों के प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। पुलिस ने किसानों पर आंसूगैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शनकारियों ने धमतरी सड़क मार्ग से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया। इसके अलावा अभनपुर में कांगेस विधायक धनेंद्र साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठ गए। 108 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जिला जेल परिसर ले जाया गया, बाद में इन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
बताया जाता है कि बुधवार को फसलों की सिंचाई के लिए गंगरेल बांध से पानी देने की मांग को लेकर किसान और कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन से चर्चा की थी। उन्होंने फसल को बचाने के लिए बांधों से पानी देने की मांग की थी। कलेक्टर भीम सिंह ने बैठक में कहा था कि बांधों में उतना पानी नहीं है कि सभी को सिंचाई के लिए दिया जा सके। इसके बाद किसानों ने कांग्रेस की मदद से आंदोलन का निर्णय लिया।
गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होने लगे। वहीं खबर मिली है कि किसानों ने बांध से पानी नहीं देने की स्थिति में खुद की गंगरेल बांध का गेट खोलने की चेतावनी भी दी थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
धमतरी के चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही धमतरी से जगदलपुर मार्ग, नगरी-सिहावा मार्ग, गुंडरदेही मार्ग, अभनपुर मार्ग में यातायात बाधिक किए जाने की खबर है। इससे यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस आंदोलन में धमतरी के विधायक गुरमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक हर्षद मेहता, लेखराम साहू, अभनपुर के विधायक धनेंद्र साहू भी धरने पर बैठे। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प और हल्के लाठीचार्ज की भी खबर है।
कैबिनेट की बैठक में हुई थी समीक्षा :
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को ही मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य में मानसून और खरीफ फसलों की स्थिति की गहन समीक्षा की थी। बैठक के बाद पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री अजय चंद्राकर ने बताया था कि मुख्यमंत्री ने सिंचाई जलाशयों के जलभराव की ताजा स्थिति की भी समीक्षा की। जल संसाधन विभाग की ओर से बताया गया कि वर्तमान में सिंचाई जलाशयों की परिस्थिति और उपलब्धता के अनुसार फसलों के लिए पानी दिया जा रहा है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन जलाशयों में 50 प्रतिशत से अधिक जलभराव है, वहां जिला जल उपयोगिता समिति से विचार-विमर्श कर किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने की व्यवस्था की जाए।
कैबिनेट की बैठक में बताया गया कि राज्य में चालू मानसून के दौरान विगत एक जून से 26 अगस्त तक 731 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की औसत बारिश का 90 प्रतिशत और विगत दस वर्षों की औसत बारिश का 86 प्रतिशत है। खंड वर्षा की स्थिति के कारण प्रदेश के 29 तहसीलों में 60 प्रतिशत से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 34 तहसीलों में 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच बारिश हुई है।
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