आगरा, 28 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने यमुना नदी में कूड़ा-कचरा डालने पर आगरा नगर निगम पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
इस बाबत पर्यावरणविद् डी.के. जोशी की ओर से एक याचिका दायर की गई थी। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए नदी में गिरने वाले एक नाले और नदी में गंदा पानी एवं सीवेज छोड़ने वाली एक पाइपलाइन को बंद करने का आदेश भी दिया।
याचिकाकर्ता ने कहा था कि यमुना बाढ़ क्षेत्र में बड़े स्तर पर निर्माण संबंधी गतिविधि चल रही है और सीवेज एवं कूड़े को नदी में डाला जा रहा है।
एनजीटी ने यमुना बाढ़ क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से सीमांकन करने के लिए भी समयसीमा तय की है।
संभागीय आयुक्त की अगुवाई वाली एक समिति बाढ़ क्षेत्र में चल रहे अवैध निर्माण का पता लगाएगी और कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
पर्यावरणविद् जोशी ने आईएएनएस को बताया कि नदी से लगती जमीन पर बहुमंजिली इमारतों के निर्माण पर रोक जारी रहेगी।
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