कोलकाता, 31 अगस्त (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थित सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस(सीटू) और कांग्रेस समर्थित इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियंस कांग्रेस (इंटक) से जुड़े कोल इंडिया के कुछ श्रमिक संघों ने सोमवार को नई दिल्ली में कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इस बैठक में दो सितंबर को आहूत अखिल भारतीय हड़ताल पर चर्चा की जानी थी।
सीटू समर्थित ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव जीबन राय ने कहा, “हमने बैठक में शामिल नहीं होने और हड़ताल के फैसले पर अड़े रहने का फैसला किया है।”
राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भारतीय जनता पार्टी समर्थित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के साथ मिलकर खनन कंपनी में हड़ताल टालने की कोशिश कर रही है।
बीएमएस ने पहले हड़ताल का समर्थन किया था, लेकिन बाद में वह इस दलील के साथ पीछे हट गया कि श्रम सुधार पर विचार करने के लिए सरकार को कुछ और समय दिया जाए।
राय ने कहा, “इंटक ने भी हमें बताया है कि वह बैठक में हिस्सा नहीं लेगा।”
उन्होंने सभी कोयला खनन मजदूरों के हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में विनिवेश से मजदूरी घटेगी, कर्मचारियों की छंटनी होगी और आउटसोर्सिग को बढ़ावा मिलेगा।
11 श्रमिक संघ कोल इंडिया के विनिवेश के विरोध में दो सितंबर की हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। श्रमिक संघ श्रम सुधार का भी विरोध कर रहे हैं और सभी मजदूरों के लिए गारंटीशुदा पेंशन की मांग कर रहे हैं।
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