वाशिंगटन, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर पैठ बना चुके आतंकवादी समूहों के खात्मे के लिए और कदम उठाए, क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जब अगले महीने वाशिंगटन दौरे पर आएंगे, तो यह मुद्दा उनके दौरे का प्रमुख एजेंडा होगा।
वाशिंगटन, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर पैठ बना चुके आतंकवादी समूहों के खात्मे के लिए और कदम उठाए, क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जब अगले महीने वाशिंगटन दौरे पर आएंगे, तो यह मुद्दा उनके दौरे का प्रमुख एजेंडा होगा।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसान राइस ने अपने हालिया इस्लामाबाद दौरे के दौरान नवाज को अक्टूबर के अंत में व्हाइट हाउस आने का न्यौता दिया।
अर्नेस्ट ने कहा, “हम निश्चित रूप से उनके (नवाज शरीफ) दौरे को लेकर उत्सुक हैं। उनके साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जानी है।”
उन्होंने कहा, “हमने कई मौकों पर संकेत दिया है कि हमें लगता है कि पाकिस्तान की सरकार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों एवं पाकिस्तान के लोगों के लिए खतरा बन चुके कट्टरपंथी समूहों के साथ मुकाबले के लिए और कदम उठा सकती है।”
अर्नेस्ट ने कहा, “राजनयिक राइस ने भी पाकिस्तान दौरे में पाकिस्तानी अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की थी और मुझे यकीन है कि नवाज जब अक्टूबर में अमेरिका आएंगे, तो यह मुद्दा उनके एजेंडे में शामिल होगा।”
इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि राइस ने पाकिस्तानी नेताओं के साथ बैठक में क्षेत्रीय हिंसा के स्रोतों को लेकर अपनी बात साझा की और हिंसा खत्म कर क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम करने के उपायों पर चर्चा की।
टोनर ने कहा, “हम समझते हैं कि पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित हो रहे आतंकवादी संगठन अब भी बड़ा खतरा हैं। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान इन आतंकवादी संगठनों से मुकाबले के लिए अतिरिक्त कदम उठाए।”
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बेहतर द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हम निश्चित रूप से भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव कम होते देखना चाहते हैं।
टोनर ने कहा, “यह इस क्षेत्र के और दुनिया के हित में है। इसलिए जितना महत्वपूर्ण वार्ता को बहाल करना है, उतना ही महत्वपूर्ण दोनों देशों के बीच तनाव घटाना है। हम इसका समर्थन करते हैं।”
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