यह दस्तावेज चीन के राज्य अभिलेखागार प्रशासन (एसएए) ने प्रकाशित किया है, जिसे जापान के साकाजीरो नोगुची ने 1954 में लिखा था। नोगुची का जन्म 1921 को टोक्यो में हुआ था और वह 1942 में जापानी सेना में भर्ती हुए थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ही अगस्त 1945 में उन्हें चीन में गिरफ्तार कर लिया गया।
नोगुची के इकरारनामे के मुताबिक, उन्होंने फरवरी 1943 में चीन के हेबेई प्रांत में एक रेलवे स्टेशन पर रोते हुए नवजात की लात मारकर हत्या कर दी थी। उसे उसकी मां ने कुछ समय पहले ही रेलगाड़ी के शौचालय में जन्म दिया था। नोगुची ने माना कि उन्होंने बच्चे को इतनी जोर से लात मारी कि उसकी मौत हो गई।
नोगुची ने चीनी महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उन्हें प्रताड़ित करने की बात भी कबूली और पूर्वी चीन के शानडोंग प्रांत की बोशान काउंटी में मार्च 1944 की एक क्रूर घटना का जिक्र किया।
नोगुची के बयान के मुताबिक, उसने तीन चीनी महिलाओं को बंधक बना लिया, उनमें से एक को निर्वस्त्र कर दिया और उसे कारतूस बेल्ट से पीटा। इसके बाद अपने चमड़े के जूतों से दस बार उसके ऊपर कूदा, जिससे महिला की मौत हो गई। नोगुची ने अपने अधीनसथों से भी अन्य दोनों महिलाओं के साथ भी समान व्यवहार करने को कहा, जिनकी उम्र मात्र 13 वर्ष और 16 वर्ष थी।
एसएए द्वितीय विश्वयुद्ध की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर जापानी युद्ध अपराधियों द्वारा लिखित बयानों की श्रृंखला पेश कर रहा है। इसमें 31 लिखित इकरारनामे हैं, जिनमें नोगुची का इकरारनामा 28वां है।
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