मुंबई, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की फ्रेंचाइजी-एफसी पुणे सिटी के मुख्य कोच डेविड प्लाट ने सोमवार को कहा कि उनका मानना है कि देश के फुटबाल खिलाड़ियों को अपना स्तर सुधारने के लिए विदेशों में खेलना चाहिए।
प्लाट के अनुसार विदेशी जमीन और खासकर यूरोपियन देशों में खेलने से उनके खेल के स्तर में बढ़ावा होगा।
इंग्लैंड के पूर्व फुटबाल खिलाड़ी ने कहा कि एवगनेसन लिंगदोह और जैकीचंद जैसे भारतीय खिलाड़ी तुर्की के अंटाल्या में फ्रेंचाइजी के प्री-सीजन आउटिंग के दौरान काफी प्रभावशाली लग रहे थे। आईएसएल का दूसरा संस्करण 3 अक्टूबर से शुरू होगा।
क्लब के प्री-सीजन प्रशिक्षण योजनाओं का दूसरा चरण है। पहले चरण में पुणे में टीम के घरेलू मैदान शिव छत्रपति स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स में अनुकूलन शिविर आयोजित किया गया था।
विदेशी खिलाड़ियों के साथ पूरी टीम ने ब्रिटिश कोच से प्रशिक्षण लेने अंटाल्या में इकट्ठा हुए थे।
तुर्की से एक कांफ्रेस कॉल में प्लाट ने संवाददाताओं को बताया, “मुझे लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों का विदेश जाकर खासकर जर्मनी, स्पेन, इंग्लैंड और इटली जैसी यूरोपीय टीमों के साथ खेलना उनके लिए लाभदायक रहेगा।”
कोच से जब आईएसएल में पुणे की टीम के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वि के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा, “इस बारे में सोचकर समय गंवाना सही नहीं, हम सकारात्मक चीजों को आगे ले जाएंगे और खेल में सुधार कर अपना बेहतर प्रदर्शन देने की कोशिश करेंगे।”
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