यादव सिंह पर सीबीआई के अफसर अब चौबीसों घंटे नजर रखे हुए हैं। यहां तक किसी भी दशा में देश से बाहर जाने से मना कर दिया गया है। शहर भी तभी छोड़ सकेंगे, जब वह सीबीआई को इसकी जानकारी देंगे। सिंह को यह भी बताया गया है कि उनकी गतिविधियों पर सीबीआई की नजर रहेगी।
कंपनियों के खेल के बारे में तमाम सवाल सीबीआई के वरिष्ठ अफसरों ने सोमवार को यादव सिंह से अथॉरिटी द्वारा दिए कार्य और भुगतान संबंधी जानकारियों को सामने रखकर कई घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई ने यादव सिंह से उसके और परिवारीजनों के नाम से चल रही कंपनियों के खेल के बारे में तमाम सवाल किए। उसकी कंपनियों में हुए निवेश और कोलकाता की कंपनियों से कारोबारी रिश्तों के बारे में भी जानकारी मांगी।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की कड़ी पूछताछ के दौरान यादव सिंह खासा नर्वस था और जवाब देने में कई बार अटका। जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ जांच भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। सीबीआई ने उससे परियोजनाओं के संचालन सहित मामलों के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से सवाल किए। उनसे आयकर विभाग की छापामारी के दौरान बरामद दस्तावेजों के बारे में भी जवाब-तलब किया गया।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने घोटाले को लेकर दो एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पहली एफआईआर में यादव सिंह को आरोपी बनाया गया था, जबकि दूसरी एफआईआर में उनके परिवार के सदस्यों व पार्टनर को आरोपी बनाया गया है। इसके बाद सीबीआई ने उनके नोएडा में स्थित मकान पर छापेमारी की, जिसे केस प्रॉपर्टी मानते हुए सील कर दिया गया था। इसके अलावा सीबीआई ने उनके पैतृक निवास आगरा, ससुराल फिरोजाबाद और उनके दामाद के आवास पर छापेमारी कर घोटाले से संबंधित दस्तावेज खंगाले थे। इसके अलावा नोएडा स्थित तीन कंस्ट्रक्शन कंपनियों से संपर्क कर कराए गए कार्यो और भुगतान संबंधी दस्तावेज मांगे थे।
विभाग और काम करने वाली कंपनियों से दस्तावेज मिलने के बाद सीबीआई ने यादव सिंह पर शिकंजा कसना शुरू किया, जिसके बाद सीबीआई लगातार यादव सिंह को नोटिस देकर पूछताछ के लिए मुख्यालय तलब कर रही है।
dharmpath.com dharmpath