झाबुआ, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में शनिवार को हुए विस्फोट में घायल एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके साथ ही इस घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर रविवार को 88 हो गई है। इस बीच, विस्फोटक जमा करने वाले राजेंद्र कासवा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसके गोदाम और घर को सील कर दिया गया है।
झाबुआ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीमा अलवा ने रविवार को आईएएनएस को बताया, “घटना में अबतक 88 लोगों की मौत हो चुकी है। विस्फोटक का भंडारण करने वाले राजेंद्र कासवा का गोदाम और मकान सील कर दिया गया है। उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी झाबुआ से भाग गया है, उसकी तलाश जारी है।”
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हालात का जायजा लेने रविवार को पेटलावाद पहुंचे हैं। उन्होंने सबसे पहले अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उसके बाद उन्होंने घटना स्थल पर भीड़ को भरोसा दिलाया कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी और घायलों के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की भी जरूरत होगी तो धनराशि मुहैया कराई जाएगी।
शिवराज ने यह भी कहा कि दोषी कोई भी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “पीड़ित परिवारों के बीच जाऊंगा और उनकी हालत देखूंगा। जिस बात की उन्हें जरूरत होगी, उसका इंतजाम करूंगा। पेटलावाद से तभी लौटूंगा, जब समस्या का समाधान हो जाएगा।”
अस्पताल से घटना स्थल की ओर जाते समय मुख्यमंत्री को भीड़ के कोप का भाजन बनना पड़ा। भीड़ ने उनके काफिले को रोक दिया। इसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई है। भीड़ की मांग है कि विस्फोटक का भंडारण करने वाले कासवा को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भीड़ ने प्रशासनिक अफसरों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।
भीड़ के गुस्से को देख चौहान वाहन से उतर कर लोगों के साथ सड़क पर बैठ गए और उनकी बातें सुनी। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की कि सरकार उनके साथ है।
हादसे के विरोध में रविवार को झाबुआ और पेटलावाद बंद है। आम जन-जीवन थम गया है। पेटलावाद में विस्फोट को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है।
ज्ञात हो कि शनिवार सुबह पेटलावाद के न्यू बस स्टैंड के पास स्थित चाय-नाश्ते की दुकान, सेठिया होटल में पहले गैस सिलेंडर फटा और उसके बाद पास में स्थित विस्फोटक गोदाम में विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना तेज था कि कई मकान मलबे में तब्दील हो गए। इस घटना अबतक 88 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हैं, जिन्हें इंदौर, रतलाम, धार व दाहोद के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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