युएन ने सिन्हुआ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “वन बेल्ट वन रोड योजना का कार्यान्वयन होने पर हांगकांग का विधि और मध्यस्थता क्षेत्र चीन की कंपनियों को सहयोग कर सकता है और दोनों पक्षों को इसका लाभ मिलेगा।”
उन्होंने विस्तार से समझाते हुए कहा कि बेल्ट एवं रोड से जुड़े देशों में कारोबारी पांव पसारने के दौरान चीन की कंपनियों को अनिश्चितता और जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। हांगकांग के विधि उद्योग को इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है और इसमें वह चीन की कंपनियों की मदद कर सकता है।
युएन ने कहा कि हांगकांग की विधि कंपनियां चीन की कंपनियों को बेल्ट एवं रोड से जुड़े देशों के कानूनी माहौल को समझने में मदद कर सकती है और उन्हें समझौता दस्तावेज तैयार करने में और उन्हें लागू करने में तथा मध्यस्थता प्रक्रिया में मदद कर सकती है।
न्याय मंत्री ने कहा, “इससे हांगकांग के विधि सेवा उद्योग को देश से बाहर विस्तार करने का एक अच्छा अवसर हासिल होगा।”
युएन ने कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी दुनिया में आज सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसलिए कई पेशेवरों का मानना है कि एशिया में कानून और मध्यस्थता सेवा क्षेत्र में काफी अवसरों का यह स्वर्णिम काल है।
युएन ने कहा कि बेल्ट एवं रोड से जुड़े देश विकास की अलग-अलग अवस्था में हैं। इसलिए भविष्य में मध्यस्थता की एक नई व्यवस्था की जरूरत होगी।
हांगकांग एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानूनी और मध्यस्थता सेवा का गढ़ बनना चाहता है, जो इस क्षेत्र में पहले से मजबूत है।
मंत्री ने हांगकांग और चीन की विधि सेवा कंपनियों में आपसी सहयोग को भी प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्होंने कई मौकों पर हांगकांग की विधि और मध्यस्थता सेवा को चीन की कंपनियों के बीच बढ़ावा दिया है।
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