चण्डीगढ़, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। मानसूनी बारिश कम रहने के बाद भी पंजाब और हरियाणा ने इस साल कुल 1.72 करोड़ टन धान की खरीदी करने का लक्ष्य रखा है।
चण्डीगढ़, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। मानसूनी बारिश कम रहने के बाद भी पंजाब और हरियाणा ने इस साल कुल 1.72 करोड़ टन धान की खरीदी करने का लक्ष्य रखा है।
पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों ने कहा कि पंजाब ने इस साल 1.37 करोड़ टन खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो गत वर्ष (2014) में 1.18 करोड़ टन था।
हरियाणा ने 35 लाख टन खरीदी का और 36 लाख टन आवक का लक्ष्य रखा है।
दोनों राज्यों में खरीदी सत्र एक अक्टूबर से शुरू होता है।
कैरों ने यहां कहा, “सभी खरीदी एजेंसियों के प्रमुख निजी तौर पर खरीदी का पर्यवेक्षण करेंगे।”
पंजाब में खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का कारण यह है कि राज्य के किसानों ने इस साल गैर बासमती चावल को अपनाया है और अधिक उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने गत वर्ष बासमती चावल के उत्तम गुणों के कारण किसानों को बासमती की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
राज्य सरकार ने गत वर्ष 1.4 करोड़ टन खरीदी का लक्ष्य रखा था, लेकिन बासमती चावल की कम उत्पादकता के कारण राज्य लक्ष्य से काफी पीछे रह गया।
नवांशहर के निकट राहोण के किसान कृपाल सिंह ने कहा, “बासमती चावल की उपज कम रही। इस किस्म को काफी देखभाल और उपयुक्त जलवायु की जरूरत होती है।”
राज्य सरकार घटते भूजल स्तर को रोकने के लिए धान की खेती का रकबा घटाना चाह रही है।
सरकार ने गत वर्ष मई में धान की खेती का रकबा अगले पांच साल में मौजूदा 26.5 लाख हेक्टेयर से घटाकर 14.5 लाख हेक्टेयर करने की योजना की घोषणा की थी।
हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री करण देव कंबोज ने कहा कि इस साल बाजार में 36 लाख टन धान की आवक की उम्मीद है।
कंबोज ने कहा, “सरकारी खरीदी एजेंसियां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करीब 35 लाख टन की खरीदी करेगी। शेष एक लाख टन खरीदी निजी एजेंसियां कर सकती हैं।”
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