तिरुवनंतपुरम, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। केरल की करीब 50 नर्से भारत वापस लौटने के लिए सऊदी अरब प्रशासन और भारतीय दूतावास की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं क्योंकि वे अपने कार्य अनुभव और दस्तावेजों से जुड़े मुद्दों का भी निपटारा चाहती हैं।
इन नर्सो को यमन सीमा के बेहद नजदीक सऊदी अरब के तनावपूर्ण क्षेत्र समता से रविवार को मुक्त कराया गया था।
केरल के त्रिशूर की नर्स टी थानु ने, जो पिछले चार साल से विदेश में कार्यरत है, सोमवार को जिजान से आईएएनएस को फोन पर बताया कि वे सभी वापस लौटने की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
थानु ने कहा, “हम अपने इर्द-गिर्द दागे जा रहे मोर्टारों और बमबारी के कारण अरब स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े 150 बिस्तरों के समता जनरल अस्पताल में तीन दिनों से खौफ में जी रहे हैं। लगभग 50 नर्सो ने वापस लौटने का फैसला कर लिया है। रविवार हमारा काम पर आखिरी दिन था।”
थानु ने कहा, “हम चाहते हैं कि भारतीय दूतावास यह सुनिश्चत करे कि हमें अपने कार्यअनुभव के दस्तावेज मिल जाएंगे और कुछ नवनियुक्त नर्सो को उन्हें नियुक्त करने वाली एजेंसी द्वारा उनके दस्तावेज लौटा दिए जाएंगे। “
ये नर्से सऊदी अरब में इस शर्त पर काम जारी रखने के लिए तैयार हैं कि उन्हें सऊदी अमन सीमा से दूर तनाव मुक्त इलाके में नियुक्त कर दिया जाए।
थानु ने कहा, “अगर यह संभव नहीं है तो हम जितनी जल्दी हो सके भारत वापस लौटना चाहते हैं।”
इसी बीच मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने इन नर्सो को आश्वासन दिया है कि वे मामले को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के समक्ष रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने उन्हें फोन पर सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया है।
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