मोदी का सुधार, पारदर्शिता का वादा (राउंडअप)

न्यूयार्क, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने यहां दुनिया की दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में देश को आकर्षक निवेश गंतव्य बताया और सुधार, तेज निर्णय प्रक्रिया तथा पारदर्शिता का वादा किया। पेशेवर कारोबारियों ने उनकी बाते स्वीकार करते हुए भी सुधार प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।

मोदी ने सुबह वित्तीय कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात के बाद गुरुवार को दो और ऐसी बैठकें की- मीडिया और मनोरंजन कंपनियों के प्रमुखों से एक घंटे की मुलाकात और दिन ढलने के बाद रात्रिभोज पर दुनिया के शीर्ष 42 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ 90 मिनट की मुलाकात।

बैठक में शामिल भारतीय वार्ताकारों ने कहा कि कारोबारी अधिकारियों ने मोदी के मेक इन इंडिया, डिजिटल भारत, कौशल भारत और स्टार्टअप भारत जैसे कार्यक्रमों में काफी रुचि ली और भारत को अपने कारोबार के लिए दक्षिण एशिया में अपने पांच प्रमुख बाजारों में बताया।

मोदी ने रात्रिभोज के दौरान कहा, “दुनियाभर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन भारत में यह 40 फीसदी बढ़ा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों के भरोसे का पता चलता है।”

वाल्डोर्फ टॉवर्स होटल में रात्रि भोज शुरू करने से पहले मोदी ने कहा, “शासन व्यवस्था में सुधार मेरी अव्वल प्राथमिकता है। हम सरल प्रक्रिया, तेज फैसले, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए काम कर रहे हैं।” मोदी मैनहट्टन के वाल्डोर्फ टॉवर होटल में ठहरे हुए हैं।

भारतीय अधिकारियों ने कहा कि रात्रिभोज में शामिल अधिकारियों की कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 4,500 अरब डॉलर से अधिक है। रात्रिभोज में फोर्ड, लॉकहीड मार्टिन, डुपोंट, आईबीएम, जीई, बोइंग, पेप्सी, सिटीबैंक, स्टारवुड, मास्टरकार्ड, मैरियट, कैटरपिलर, मर्क, क्वोलकॉम, सैंडिस्क और सिस्को जैसी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

मोदी ने अमेरिका-भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष अजय बंगा, उद्योगपति और न्यूयॉर्क शहर के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग, लॉकहीड मार्टिन की प्रमुख मैरिलिन ए. ह्यूसन और एकॉम प्रमुख माइक बुर्के से अलग-अलग भी मुलाकात की।

ब्लूमबर्ग ने कहा कि भारत में उनके कारोबार से अभी करीब 2,500 लोगों को नौकरी मिली है, जिनमें 98 फीसदी भारतीय हैं। उन्होंने बताया कि वह इस संख्या को जल्द ही दोगुना करना चाहते हैं। ब्लूमबर्ग स्मार्ट शहर परियोजना के ज्ञान साझेदार भी हैं।

मोदी ने दिन भर की मुलाकातों के बाद खुद भी ट्विटर पर कहा, “अमेरिका के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के शीर्ष सीईओ से मुलाकात हुई। वे डिजिटल इंडिया से हो रहे बदलावों से खासा प्रभावित हैं।”

उन्होंने कहा, “फॉर्च्यून 500 कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ मेरी बातचीत भारत में निवेश अवसरों पर हुई और उन्हें बताने की कोशिश की गई कि आखिर क्यों उन्हें भारत में आकर निर्माण करना चाहिए।”

औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के सचिव अमिताभ कांत ने कहा कि इन मुलाकातों में काफी ऊर्जा दिखी। बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही। वे इन मुलाकातों के दौरान मौजूद थे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी 42 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से निजी तौर पर मिलने की भरसक कोशिश की। वे खासकर यह जानना चाहते थे कि उनकी समस्या का समाधान सरकार कैसे कर सकती है।

स्वरूप ने कहा, “मोटे तौर पर माहौल उत्साहपूर्ण था। आम राय थी कि प्रधानमंत्री देश में बदलाव ला रहे हैं। इन मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने बस एक बात खास तौर से कही कि कृपया इन बदलावों में और तेजी लाया जाए।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे नियंत्रण कम करने और निजी क्षेत्र को विस्तार की अधिक आजादी देने में विश्वास करते हैं और इसके लिए सरल, पारदर्शी और जवाबदेह सरकार बनाना चाहते हैं।

अमेरिका में भारतीय राजदूत अरुण सिंह ने कहा, “अधिकांश ने यह महसूस किया कि वैश्विक नजरिए से भारत के लिए यह बेहतरीन समय है।” उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, कौशल भारत, डिजिटल भारत और स्मार्ट शहर कार्यक्रम को सभी का समर्थन मिला।

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