लंदन, 28 सितम्बर (आईएएनएस)। दक्षिण लंदन स्थित यूरोप की सबसे बड़ी मस्जिद के परिसर में संदिग्ध आगजनी ‘नस्लीय अपराध’ से जुड़ा मामला नहीं लगता। ब्रिटिश पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बीबीसी की एक रपट के मुताबिक, मॉर्डेन के बैतुल फुतुह मस्जिद में शनिवार को आगजनी के लिए 16 व 14 वर्ष के दो लड़कों को गिरफ्तार किया गया।
14 वर्षीय लड़के को जमानत मिल गई, जबकि 16 वर्षीय लड़के को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
महानगर पुलिस ने कहा कि जांच जारी है, लेकिन ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके आधार पर कहा जाए कि यह नस्लीय अपराध से जुड़ा मामला है।
आगजनी से फैले धुएं की चपेट में आकर बीमार हुए एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अलार्म बजने के बाद 30 अन्य लोग वहां से बच निकलने में कामयाब रहे।
इमारत के भूतल का लगभग 50 फीसदी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, साथ ही प्रथम तल व छत का कुछ हिस्सा भी तबाह हो गया।
कुल 5.2 एकड़ में फैले इस मस्जिद में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ते हैं और कम से कम 10,500 लोग एक बार में नमाज पढ़ सकते हैं।
अहमदिया मुस्लिम समुदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रफीक हयात ने कहा, “अल्लाह की दुआ से मस्जिद सुरक्षित है और घटना में न तो किसी की जान गई और न ही कोई घायल हुआ। आग इमारत के सामने के हॉल और आसपास के कुछ कार्यालयों में लगी।”
dharmpath.com dharmpath