इस हमले को रात नौ बजे (स्थानीय समयानुसार) अंजाम दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आतंकवादियों ने पिछली बार की तरह क्षेत्र के एक अन्य गांव को निशाना बनाया।
सैन्य सूत्रों ने कहा कि हमलावरों ने 100 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया।
सूत्रों ने कहा, “हमले के वक्त बच्ची सो रही थी। हमले के डर से उसके माता-पिता उसे छोड़कर भाग निकले। बाद में जब वह लौटकर आए, तो उन्हें बच्ची घर में नहीं मिली।”
हमले के बाद टिका के आठ निवासी मृत मिले, जिनमें एक की काट-काटकर हत्या की गई थी। हमले के तरीके से घटना में बोको हराम के शामिल होने का शक गहराया।
कुछ लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था, जबकि तीन वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। घबराए निवासियों ने घटना की जानकारी सुरक्षा अधिकारियों को दी, लेकिन तब तक हमलावर इलाके से भाग चुके थे।
सेना के एक स्रोत ने कहा, “वे नौकाओं द्वारा चाड झील क्षेत्र की तरफ भाग गए।”
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