लखनऊ , 28 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी व नवाबों के शहर लखनऊ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हुसैनाबाद ट्रस्ट और जिला प्रशासन की ओर से नया एप ‘माइ लखनऊ, माइ प्राइड’ लांच किया जाएगा। मगर अभी नहीं, दिसंबर में। इस एप पर शहर में घूमने लायक स्थानों का ब्योरा, फोटो, वीडियो और हेल्पडेस्क उपलब्ध होगा।
प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो पुराने लखनऊ और स्मारकों के मेकओवर का काम मार्च, 2016 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर ने यह डेडलाइन ‘विश्व पर्यटन दिवस’ के मौके पर हुसैनाबाद ट्रस्ट की ऐतिहासिक इमारतों के भ्रमण के समय तय की।
इस दौरान उनके साथ जिला प्रशासन, हुसैनाबाद एंड एलाइड ट्रस्ट (एचएटी) और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के अधिकारी भी शामिल थे। राजशेखर ने स्मारकों पर सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए वहां आए पर्यटकों से भी बात की। इस दौरान विजिटर्स से भी पूछा गया कि कौन सी सुविधाएं यहां स्मारकों पर होनी चाहिए।
राजशेखर ने कहा कि पुराने शहर में चल रहे कामों की निगरानी भी की जाएगी। बड़ा इमामबाड़ा पर मडर्न टॉयलेट, मॉडर्न टिकट काउंटर, सीसीटीवी कैमरा लगाने के काम भी फरवरी 2016 तक पूरा कर लिया जाएगा।
स्मारकों पर पर्यटकों को सुविधाएं देने के लिए बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, पिक्चर गैलरी पर ठंडे पानी के कोल्ड फिल्टर वाटर प्लांट लगाए जाएंगे।
वहीं पुराने लखनऊ में केजीएमयू से लेकर छोटा इमामबाड़ा, घंटाघर, पिक्च र गैलरी तक साइकिल ट्रैक बनेगा। हुसैनाबाद ट्रस्ट साइकिल ट्रैक बनने के बाद 100 फ्री साइकिल कियोस्क भी बनाएंगे।
यहां से पर्यटकों को फ्री में साइकिल मिलेगी। दो या तीन घंटे के लिए यह साइकिल अपनी फोटो आईडी जमा करने पर ली जा सकेगी। यह सुविधा बड़ा इमामबाड़ा पर शुरू की जानी तय हुई है।
बिजली की खपत कम करने के साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिए भी सभी स्मारकों से ट्यूबलाइट और सीएएफएल हटाने का फैसला लिया गया है। अब यहां केवल एलईडी लाइट ही लगाई जाएंगी।
स्मारकों का आकर्षण बढ़ाने के लिए एक एचएटी मन्यूमेंट्स अडियो विजुअल थिएटर भी बनाया जाएगा। इसमें शार्ट फिल्म और क्लिप दिखाई जा सकेंगी। इसकी मदद से स्मारकों पर फोटो प्रदर्शनी और शो आयोजित किए जाएंगे। इन स्मारकों पर दिसंबर 2016 तक ‘लाइट एंड साउंड शो’ शुरू करने की भी योजना है।
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