बैतूल, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शौचालय निर्माण की मांग को अनसुना किए जाने पर ससुराल छोड़ने वाली युवती को जिला प्रशासन ने ‘स्वच्छता दूत’ बनाने की घोषणा की है।
इस घोषणा के साथ ही पंचायत ने युवती के घर में शौचालय बनाने के प्रयास शुरू कर दिए।
शाहपुर विकास खंड के पतौवापुरा के चौकीपुरा गांव के निवासी मोहन पटेल की पत्नी सीमा ने इसलिए ससुराल छोड़ दिया, क्योंकि उसकी शैाचालय निर्माण की मांग को पूरा नहीं किया गया। जब सीमा मायके से ससुराल वापस नहीं आई, तब उसके पति मोहन ने परिवार परामर्श केंद्र में गुहार लगाई।
शौचालय के लिए ससुराल छोड़ने का मामला मीडिया में आने पर प्रशासन हरकत में आया और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एमएल विजयवर्गीय और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुरेश कुमार दामले शनिवार को ग्राम पंचायत शाहपुर की सरपंच मंगीताबाई उइके के साथ सीमा के ससुराल पहुंचे और उन्होंने विस्तृत जानकारी लेने के बाद शौचालय निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिलाया।
जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर बी. पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, “दलित महिला सीमा ने स्वच्छता की दिशा में अभूतपूर्व साहस दिखाया है। सीमा पटेल द्वारा किए गए इस अतुल्यनीय कार्य के लिए उन्हें जिले का ‘स्वच्छता दूत’ बनाया जाएगा। इससे स्वच्छता अभियान को बल मिलेगा।”
पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार जैन ने कहा, “सीमा के इस कदम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान और मजबूत होगा।”
राकेश ने एसडीओपी और थाना प्रभारी को शौचालय के गुणवत्तापूर्वक निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
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