बेंगलुरू, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ पहल में विनिर्माण और आईटी सेवाओं में प्रौद्योगिकी और नवाचार की भूमिका पर चर्चा करेंगे।
रविवार को भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचीं मर्केल को सोमवार रात प्रौद्योगिकी हब बेंगलुरू आना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 50 अरब यूरो की जर्मन ऑटो कंपनी बोश देखने मर्केल के साथ आएंगे और उनकी नजर इस पर भी होगी कि अन्य जर्मन कंपनियां भारत में मेक इन इंडिया और डिजिटाइज इंडिया परियोजना में किस तरह योगदान देंगी।
बोश इंडिया के एक अधिकारी ने इन दोनों नेताओं के दौरे से पूर्व आईएएनएस को बताया, “मोदी और मर्केल हमारी मुख्य नवाचार परियोजनाओं और कौशल विकास प्रतिबद्धताओं से रूबरू होंगे, जो देश के एक विनिर्माण हब बनने और दुनिया का केंद्र बनने में मदद कर सकती हैं।”
वे दोनों बोश इंजीनिंयरिग और व्यापार समाधान व व्यावसायिक केंद्र के बारे में प्रजेंटेशन देखने के बाद कंपनी का परिसर देखेंगे और इसके अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
जर्मनी के महावाणिज्यदूत जनरल जॉर्न रोड ने कहा, “बेंगलुरू एक ऐसा शहर है, जहां आप देख सकते हैं कि बोश, सीमेन्स, सैप, बीएएसएफ और मर्सिडीज बेंज जैसी कंपनियां कैसे भारत में उत्पादों और समाधानों का निर्माण और नवाचार करती हैं।”
जर्मनी के राष्ट्रपति जोचिम गॉक भी एक साल पहले यहां आए थे। बेंगलुरू में करीब 200 जर्मन कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में काम करती हैं।
मोदी और मर्केल यहां एक होटल में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) से संबंधित एक कार्यक्रम तथा भोज में भी शिरकत करेंगे, जहां वे आईटी उद्योग के नामचीन लोग जैसे इंफोसिस सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति, विप्रो के प्रमुख अजीम प्रेमजी और जर्मन सॉफ्टवेयर कंपनी सैप इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी से मिलेंगे।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “इस अवसर पर जर्मनी से आया एक विशाल प्रतिनिधिमंडल यहां मौजूद रहेगा, जिसमें मंत्री और कारोबारी प्रमुख भी होंगे। वे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के लिए हमारे आईसीटी उत्पादों और सेवाओं को गति देने के लिए उद्यमिता और स्टार्टअप पर आपसी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।”
आईसीटी सम्मेलन और भोज का आयोजन नैसकॉम और जर्मन फ्रॉनहोफर इंस्टीट्यूट मिल कर करेंगे, जिसमें 27 सितंबर को अमेरिका के कैलीफोर्निया के सैन होजे स्थित सिलिकॉन वैली में एक स्टॉर्टअप सम्मेलन में मोदी की सहभागिता की समीक्षा और बाद की योजनाओं पर चर्चा होगी।
भारत में जर्मनी के राजदूत मार्टिन ने के अनुसार, दोनों नेता बेंगलुरू में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को तवज्जो देंगे।
मार्टिन ने तीन अक्टूबर को नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया था, “मर्केल शहर में मौजूद जर्मन कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगी। ये कंपनियां सैकड़ों भारतीय युवाओं को रोजगार दे रही हैं और मेक इन इंडिया तथा डिजिटल भारत कार्यक्रमों में योगदान कर रही हैं।”
दोनों नेता 26 सितंबर को न्यूयार्क में जी-4 समूह (भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान) की उच्चस्तरीय बैठक में भी मिल चुके हैं। चारों देश संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के प्रबल दावेदार हैं।
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