टोक्यो, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जापान में मौत की सजा पाए एक 89 साल के मुजरिम ने अपने मामले में फिर से मुकदमा चलाने की अर्जी दी थी। उसकी अर्जी पर कोई फैसला होता, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
मीडिया रपट में बताया गया है कि मासारू ओकुनिशी नाम के इस मुजरिम ने रविवार को टोक्यो के उपनगर की जेल के अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसे निमोनिया हो गया था। सेहत खराब होने की वजह से उसे 2012 में नागोया जेल से यहां लाया गया था।
ओकुनिशी ने 1961 में नाबारी नाम की जगह में पांच महिलाओं को शराब में जहर देकर मार डाला था। उसे मौत की सजा मिली थी।
उसके वकीलों ने इसी साल मई में मामले में फिर से मुकदमा चलाने के लिए अर्जी लगाई थी। फिर से मुकदमे के लिए उसकी तरफ से दी गई यह नौवीं अर्जी थी।
जिला अदालत ने उसे दोषी नहीं माना था लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया था। 1972 में सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा।
ओकुनिशी खुद को लगातार बेकसूर बताता रहा और मामले में फिर से मुकदमा चलाने की बार-बार अर्जी लगाता रहा। 2013 में सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में फिर से मुकदमा नहीं चलाने का फैसला दिया था।
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