बाईशूजियांग राष्ट्रीय प्राकृतिक अभयारण्य की स्थापना 2014 में की गई थी और तभी से यहां का कर्मचारी दल 200 से अधिक इंफ्रारेड कैमरों की मदद से यहां के 110 पांडा की गतिविधियों पर नजर रखता आ रहा है।
इस अभयारण्य के प्रबंधक युआन फेंगशियाओ ने कहा, “पहले भी इंफ्रारेड कैमरों से इन जानवरों के कई बहुमूल्य पलों को कैद किया जा चुका है।” इनमें से एक क्लिप में एक पांडा को मृत बछड़े की हड्डियों को कुतरते हुए देखा जा सकता है।
शोधकर्ता हे लिवेन का कहना है कि बांस के अलावा पांडा मांस भी खाते हैं लेकिन इन्हें मुश्किल से ही मृत जानवरों का शव मिलता है। एक अन्य क्लिप में एक पांडा के सिर से खून निकलते हुए देखा जा सकता है, जबकि इससे पहले वह ठीक नजर आ रहा है।
ऐसा माना जा रहा है कि अन्य पांडा के साथ लड़ाई के दौरान इस पांडा को यह चोट लगी होगी। वहीं एक अन्य क्लिप में दो पांडा जंगल में घूम रहा है। इनमें से एक पांडा की नजर जब कैमरा पर पड़ती है तो वह कैमरे को चबाना शुरू कर देता है।
dharmpath.com dharmpath