माले, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और मालदीव ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दौरे के दौरान रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, संपर्क एवं स्वास्थ्य सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की। सुषमा यहां पांचवें संयुक्त आयोग की बैठक के लिए पहुंची हैं।
सुषमा भारत-मालदीव संयुक्त आयोग की पांचवीं बैठक की सहअध्यक्षता करने दो दिवसीय (10-11 अक्टूबर) दौरे पर मालदीव में हैं।
सुषमा ने राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन से मुलाकात की और इस दौरान द्विपक्षीय रिश्ते पर बातचीत हुई।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सुषमा ने भारत सरकार की नीति यानी ‘पड़ोसी पहले’ को रेखांकित किया। यामीन ने भारत-मालदीव संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यामीन ने कहा कि मालदीव 2016 में एक निवेश फोरम आयोजित करेगा। यह वर्ष ‘विजिट मालदीव’ वर्ष भी है। उन्होंने मालदीव की नीति ‘भारत पहले’ को दोहराया।
सुषमा ने संयुक्त आयोग की बैठक के अलावा आर्थिक विकास मंत्री मोहम्मद सईद और स्वास्थ्य मंत्री इर्थिशाम एडम के साथ भी बैठकें की।
सुषमा ने अपने दौरे के दौरान इंडिया-मालदीव फैकल्टी फॉर हॉस्पिटलिटी एंड टूरिज्म स्टडीज में भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत की।
संयुक्त आयोग की बैठक के दौरान सुषमा और मालदीव के विदेश मंत्री दुनया मौमून ने द्विपक्षी संबंधों के सभी पक्षों की समीक्षा की।
बयान के अनुसार, रक्षा और सुरक्षा संबंध संयुक्त आयोग में पहली बार दूरदर्शी चर्चा का हिस्सा थे। मौजूदा सहयोग की समीक्षा की गई और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की गई।
मालदीव ने भारत द्वारा दिए गए उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को देश में उड्डयन क्षमता के विकास में उपयोगी बताया।
भारत ने इस महीने के अंत में गोवा में प्रस्तावित अगले दोस्ती एक्सरसाइज में मालदीव की भागीदारी का स्वागत किया।
संयुक्त आयोग में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध बढ़ाने और साझेदारी विकसित करने का समर्थन किया।
आयोग ने एक संयुक्त बिजनेस फोरम स्थापित करने का प्रस्ताव किया और 2016 के लिए एक निवेश केंद्रित फोरम का सुझाव दिया।
मालदीव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का अपना समर्थन दोहराया।
भारत-मालदीव संयुक्त आयोग की अगली बैठक 2017 में भारत में होगी।
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