भोपाल– मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भाजपा सरकार की एक गलत चाल पुनः हीरो बना गयी . व्यापम मामले पर घिरी सरकार ने खुलासे में मुख्य दिग्विजय सिंह को इन सब का जिम्मेदार माना और उनके कार्यकाल के समय हुई नियुक्तिओं की जांच ताबड़-तोड़ तरीके से बैठा दी.
राजनैतिक विश्लेषकों ने इस घटना को भाजपा के रणनीतिकारों द्वारा उठाया गलत कदम बताया.आज एसआईटी ने पांच घंटे की लम्बी पूछताछ और 94 प्रश्नों की सूची के बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी.
कानूनी विशेषज्ञ दरअसल शुरू से इस मामले को मजबूत नहीं मान रहे उनका कहना है की इस मामले को सिर्फ दबाव डालने की लिए आगे किया गया है.
लेकिन दिग्विजय सिंह के लिए यह पूछताछ राजनैतिक संजीवनी का कार्य कर गयी उनके द्वारा व्यापम आन्दोलन के लिए किये आंदोलनों में भी उतनी लोकप्रियता नहीं मिली जो इस पूछताछ के दौरान मिल गयी है.जांच अधिकारी द्वारा पत्रकारों को सटीक उत्तर ना दे पाना पूछताछ की असफलता प्रदर्शित कर रहे थे.
आज कांग्रेस जितनी एकजुट दिखी वह पहले नहीं थी ,दिग्विजय सिंह के साथ डूबती हुई कांग्रेस पुनः सड़क पर खडी दिखी.
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