श्रीनगर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को गोमांस पर रोक के जम्मू स्थित उच्च न्यायालय की पीठ के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही पीठ ने राज्य में गोमांस पर रोक से संबद्ध 1864 कानून को खत्म करने की याचिकाओं का निपटारा भी कर दिया।
न्यायाधीश मुजफ्फर हुसैन अत्तर, अली मुहम्मद मागरे और ताशी राबस्तान की पीठ ने उच्च न्यायालय की जम्मू खंडपीठ द्वारा दिए गए गोमांस पर रोक के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही श्रीनगर खंडपीठ के समक्ष दायर रणबीर दंड संहिता की धाराओं 298ए और 298बी को निरस्त करने से संबंधित जनहित याचिका का निपटारा राज्य के मुख्य सचिव को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर उचित कदम उठाने का आदेश देते हुए किया।
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू एवं कश्मीर के मुख्य न्यायाधीश को निर्देश दिया था कि वह तीन सदस्यीय पीठ का गठन कर उन अंतरविरोधों को निपटाएं जो राज्य के उच्च न्यायालय की दो खंडपीठों के अलग-अलग आदेश से पैदा हुए हैं।
जम्मू पीठ ने पुलिस से कहा था कि गोमांस पर रोक के मौजूदा कानून का सख्ती से पालन कराया जाए। जबकि, श्रीनगर की पीठ ने राज्य सरकार को उस जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया था जिसमें 1864 गोमांस रोक कानून को निरस्त करने की मांग की गई थी।
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