पटना, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए छह दलों के तीसरे मोर्चे से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के निकल जाने पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद किरणमय नंदा ने कहा कि राकांपा नेता तारिक अनवर ने मुख्यमंत्री नीतीश और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के इशारे पर एक साजिश के तहत मोर्चा का साथ छोड़ा है। तारिक अनवर पहले भी लालू व नीतीश के नेतृत्व वाले महागठबंधन के साथ ही थे।
पटना में शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में नंदा ने कहा कि मोर्चा मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। राकांपा के जाने से मोर्चा पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
उन्होंने कहा, “हमारे नेता मुलायम सिंह यादव को धर्म निरपेक्षता का प्रमाणपत्र किसी से लेने की जरूरत नहीं है। यह देश की जनता जानती है कि मुलायम सिंह ने कभी धर्म और जाति की राजनीति नहीं की है।”
उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चे की लड़ाई भाजपा से है। भाजपा धर्म और जाति के नाम पर देश में घिनौना खेल खेल रही है। उन्होंने कहा कि आज नीतीश व लालू की वजह से भाजपा मजबूत हुई है और इन दोनों के कारण ही बिहार सबसे पिछड़ा राज्य है।
उन्होंने कहा, “तारिक अनवर ही चलकर मोर्चा में आए थे। हमने उन्हें न्योता नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की कोई लहर नहीं चल रही है और हमारे नेता मुलायम सिंह ने कभी यह नहीं कहा कि भाजपा को वोट दो।”
उल्लेखनीय है कि सांसद पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी, सपा, राकांपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी), समरस समाज पार्टी और समाजवादी जनता दल ने मिलकर तीसरे मोर्चे के तहत चुनाव मैदान में उतरी थी। लेकिन गुरुवार को राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तारिक अनवर ने तीसरा मोर्चा से नाता तोड़ने और अकेले ही विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। चर्चा यह भी है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे मुलायम सिंह यादव सीबीआई जांच के डर से महागठबंधन से अलग होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करने का प्रयास किया है। अब मोदी भी कई जगह मुलायम की तारीफ कर चुके हैं।
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