खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने गुरुवार को संयुक्त बयान जारी कर कहा, “दक्षिण सूडान के कई हिस्सों में भूख की वजह से लोग तबाही के कगार पर हैं। एक नए विश्लेषण में पता चला है कि देश में 39 लाख लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।”
दक्षिण सूडान में डब्ल्यूएफपी की निदेशक जॉयस लुमा ने कहा, “हाल ही में जारी किए गए खाद्य सुरक्षा आकंड़ों से पता चला है कि दक्षिण सूडान में कम से कम 30,000 लोग अत्यधिक दयनीय स्थिति में रह रहे हैं और भूख और मौत का सामना कर रहे हैं।”
लुमा ने कहा कि दक्षिण सूडान के लोगों को जीवित रहने और अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने के लिए शांति, पोषक तत्वों और अन्य मानवीय सहायता की जरूरत है।
दक्षिण सूडान में यूनीसेफ के प्रतिनिधि जोनाथन वेच ने कहा कि यहां लगभग दो साल पहले संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होने से बच्चे बीमारी, डर और भूख से त्रस्त हैं। जब तक यहां निर्बाध मानवीय सहायता की पहुंच सुनिश्चित नहीं की जाती, खाद्य असुरक्षा समाप्त नहीं होगा और इससे यहां के कई हिस्सों में तबाही मचा सकती है।
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