पैराग्लाइडिंग विश्व कप ने बदल कर रख दी बीर, बिलिंग की तस्वीर

बीर (हिमाचल प्रदेश)ा, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित दो छोटे गांवों बीर और बिलिंग को आमतौर पर पैराग्लाइडिंग स्थल तथा तिब्बती शरणाथियों के रिहायश के तौर पर देखा जाता है। विश्व के सबसे अच्छे पैराग्लाइडिंग स्थलों में से एक होने के बावजूद बीर और बिलिंग का संरचनात्मक और पर्यटन केंद्र के तौर पर विकास नहीं हो सका था लेकिन पैराग्लाइडिंग विश्व कप की मेजबानी ने इन दोनों स्थानों की तस्वीर बदल कर रख दी है।

बीर (हिमाचल प्रदेश)ा, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित दो छोटे गांवों बीर और बिलिंग को आमतौर पर पैराग्लाइडिंग स्थल तथा तिब्बती शरणाथियों के रिहायश के तौर पर देखा जाता है। विश्व के सबसे अच्छे पैराग्लाइडिंग स्थलों में से एक होने के बावजूद बीर और बिलिंग का संरचनात्मक और पर्यटन केंद्र के तौर पर विकास नहीं हो सका था लेकिन पैराग्लाइडिंग विश्व कप की मेजबानी ने इन दोनों स्थानों की तस्वीर बदल कर रख दी है।

इस महीने की 23 तारीख से शुरू हुए पैराग्लाइडिंग विश्व कप ने बीर और बिलिंग का नक्शा ही बदल दिया है। यहां की सड़कें चमक रहीं है और हर ओर स्ट्रीट लाइट दिख रही है जबकि विश्व कप से पहले यहां कुछ नहीं था। सड़कें टूटी थीं और रास्ते अंधेरे में डूबे रहते थे। आज हालात बदल चुके हैं। बीर से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पैराग्लाइडिंग टेक ऑफ साइट (उड़ान भरने वाले स्थान) बिलिंग जाने वाली सड़क की भी सूरत बदल गई है और ऊपर जहां पहले सबकुछ काफी अविकसित सा दिखता था, आज चमक रहा है।

इसका सीधा असर यहां पर्यटन से जुड़े रोजगार और व्यवसाय पर पड़ा है। यहां वैसे तो गिने चुने होटल हैं लेकिन अप्रैल-मई (फ्लाइंग सीजन) के अलावा इनमें से अधिकांश हमेशा खाली ही रहते थे। आज हर होटल देसी और विदेशी ग्राहकों से भरा है। रेस्टोरेंट जमकर धंधा कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस आयोजन से खुश हैं क्योंकि चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा है और विदेशी सैलानियों के कारण उनका धंधा जमकर चल रहा है। स्थानीय पैराग्लाइडरों और टेक्सी चालकों को भी रोजगार मिल गया है।

बिलिंग पैराग्लाइडिंग संघ (बीपीए) मुख्यालय के पास स्थित होटल सूर्या में विदेशी पैराग्लाइडरों का सबसे बड़ा जमावड़ा रहता है। बीपीए के संस्थापक सदस्य रहे नरेश कुमार अपने पिता के साथ मिलकर इसे चलाते हैं। इन दिनों नरेश बहुत व्यस्त हैं। होटल और रेस्टोरेंट में बहुत काम है। सबका ध्यान रखना पड़ता है।

नरेश कहते हैं, “होटल सूर्या ही नही, पूरे बीर में सैलानियों का जमावड़ा है। विश्व कप में हिस्सा लेने आए 129 प्रतिभागियों के अलावा 400 से अधिक फ्री-फ्लायर्स (शौकिया पैराग्लाइडर) यहां पहुंचे हैं और उनकी रिहायश बीर में ही है। कुछ यहां के तहसील बैजनाथ में भी ठहरें हैं। यहां के लोग अपने व्यवसाय के चमकने से खुश हैं। यह उनके लिए अधिक से अधिक पैसा कमाने का समय है।”

हिमाचल सरकार ने बीर को बहु खेल पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का फैसला किया है। इस स्थान का उपयोग लैंडिंग साइट के तौर पर होता है। यह बिलिंग से सबसे करीब है। इसी कारण यहां सबसे अधिक सैलानी आते और ठहरते हैं। बीर में सरकार ने लैडिंग साइट पर एक गोल्फ कोर्स बनाने का फैसला किया है, जिसका काम आने वाले दिनों में शुरू हो जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के नगर विकास मंत्री तथा बीपीए के अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान इसका खुलासा किया। शर्मा ने कहा, “बीर एक लोकप्रिय पयर्टन स्थल है। यहां लैंडिंग देखने सैकड़ों लोग रोजाना आते हैं। कई बार दिन में 200-300 लोग उड़ान भरते हैं और यहां उतरते हैं।”

“यह नजारा खास होता है और ये लोग यही देखने यहां आते हैं। हमने बीर को एक खास तोहफा देते हुए हमने यहां एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स बनाने का फैसला किया है, जिसका काम आने वाले समय में शुरू हो जाएगा। इसके लिए कुछ और जमीन अधिग्रहित की जाएगी और हमें यहां पैराग्लाइडिंग के साथ-साथ गोल्फ के माध्यम से भी पयर्टन का विकास करना चाहेंगे।”

बीर में जिस स्थान पर लैडिंग होती है, वहां इन दिनों मेला जैसा माहौल रहता है। लैडिंग साइट पर जगह-जगह स्पीकर लगे हैं। उन पर हिंदी और अंग्रेजी संगीत बजते रहते हैं। आस-पास कई रेस्टोरेंट और दुकाने हैं। खास लोगों के लिए टेबल-कुसियां लगी हैं। लोग परिवार के साथ सीढ़ीदार खेतों में बैठकर पैराग्लाइडरों को उतरते देखते हैं। एक ऐसे स्थान के लिए जहां आम तौर पर शाम और रात बड़ी बोरिंग होती है, पैराग्लाइडिंग विश्व कप ने कई तरह के रंग भर दिए हैं।

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