उप्र : डॉक्टरों ने की तीमारदारों की पिटाई, अस्पताल में हंगामा

यही नहीं, डॉक्टरों ने तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसी बीच किसी ने घटना की जानकारी कानूनगोपुरा पुलिस चौकी को दी। बवाल रोकने आए पुलिस पर भी हमला हो गया। एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। हालांकि पुलिस के आलाधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की।

घटना का विकराल रूप देख कानूनगोपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज ने अपने आलाधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही चार थानों की फोर्स समेत जिले के आधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जिला अस्पताल में लगभग पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। डॉक्टरों की पिटाई से दो तीमारदारों को गंभीर चोटें आई हैं। तीमारदार द्वारा लाई गई महिला को बवाल के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, रामगांव थाना क्षेत्र निवासी मुल्कराज की 30 वर्षीय पत्नी शिवरानी घर में मामूली विवाद को लेकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। थोड़ी देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। मुल्कराज अपने भाई पृथ्वीराज के साथ पत्नी का इलाज कराने बहराइच जिला अस्पताल पहुंचे।

आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर होने का हवाला देते हुए बाहर से दवा लाने को कहा। जैसे ही भाई दवा लाने के लिए बाहर गया, इमरजेंसी में बैठे डाक्टरों ने रुपये की मांग की। मुल्कराज ने भाई के दवा लेकर आने पर रुपये देने की बात कही। इसी बीच डॉक्टर व परिजन में तू-तू मैं-मैं होने लगी। देखते ही देखते दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि गाली-गलौज तक शुरू हो गई।

परिजनों का आरोप है कि डाक्टर रुपये न देने पर धक्का-मुक्की करने लगे। तीमारदारों ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर डॉक्टरों व परिजनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। परिजनों का आरोप है कि जैसे ही इमरजेंसी कक्ष में शोर की आवाज गूंजी, अस्पताल के सभी कर्मचारी एकत्रित होकर घेराबंदी करते हुए मरीज के साथ आए उसके पति व भाई की जमकर पिटाई की।

किसी तरह दोनों इमरजेंसी से भागे तो डॉक्टरों व कर्मचारियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद इमरजेंसी में जमकर तोड़फोड़ हुई।

आरोप है कि डॉक्टरों ने इमरजेंसी में रखे औजारों से जानलेवा हमला किया। डाक्टरों व परिजनों के बीच लगभग आधे घंटे तक मारपीट होती रही। डाक्टरों की पिटाई से दोनों भाइयोंको गंभीर चोटें आईं।

इसी दौरान किसी ने घटना की सूचना कानूनगोपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज शेषमणि पाण्डेय को दी। घटना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल चौकी में उपस्थित सिपाही को अस्पताल भेजा। जहां पर पहुंचे सिपाही पर भी हमला हो गया। उसने घटना की सूचना अपने आला अधिकारियों को दी।

सूचना मिलते ही नगर कोतवाल राजेंद्र कुमार, रामगांव एसओ डी.पी. कुशवाहा, बौंडी एसओ बृजेश यादव समेत नगर क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम सभी लोग जिला अस्पताल पहुंचे।

पुलिस के आने के बाद गुस्साए परिजनों व तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा। प्रशासन द्वारा गुस्साएं परिजनों को शांत कराने की कोशिश की गई। लेकिन परिजनों का गुस्सा और बढ़ता गया। अस्पताल में लगभग पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। प्रशासन द्वारा काफी समझाने के बाद मामला जाकर शांत हुआ। डॉक्टरों ने महिला का उपचार न कर उसे लखनऊ रेफर कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही मुल्कराज के गांव से एक ट्रैक्टर ट्रॉली पर दर्जनों लोग सवार होकर जिला अस्पताल पहुंच गए। सभी इमरजेंसी में घुसकर डाक्टरों को सामने लाने की बात को लेकर अड़ गए। पुलिस ने समझाना चाहा तो गांव से आई भीड़ पुलिस भिड़ गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493