पोप ने यहूदी-मुसलमानों के बेहतर संबंधों की प्रशंसा की

वैटिकन सिटी, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। पोप फ्रांसिस ने यहूदियों के खिलाफ पूर्वाग्रह या नफरत को नकारते हुए यहूदियों और मुसलमानों के साथ ईसाई धर्म के संबंधों की सराहना की।

पोप फ्रांसिस ने बुधवार को कहा, “वैटिकन द्वितीय सूत्र द्वारा निकाली गई राह ईसाई धर्म की यहूदी जड़ों का समर्थन करती है और यहूदियों के खिलाफ हर प्रकार के पूर्वाग्रह, अपमान या भेदभाव को नकारती है।”

वैटिकन सिटी में सेंट पीटर स्क्वेयर में पोप साप्ताहिक आम दर्शकों में हिस्सा लेने आए विभिन्न धर्मो के नेताओं से बात कर रहे थे।

28 अक्टूबर 1965 में पोप पॉल षष्ठम द्वारा अपनाए गए द्वितीय वैटिकन परिषद के ‘नोस्ट्रा एसिटेट’ घोषणापत्र ने गिरजाघर नीतियों और धर्मशास्त्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किए। इस दस्तावेज ने यहूदियों और यहूदी धर्म के प्रति कैथोलिक गिरिजाघरों के दृष्टिकोण में परिवर्तन ला दिया था।

‘नोस्ट्रा एसिटेट’ ने सदियों पुराने उस आरोप का खण्डन किया कि ईसा मसीह की मृत्यु के लिए सभी यहूदी जिम्मेदार हैं।

फ्रांसिस ने कहा, “बेहतर ईसाई-यहूदी रिश्ते जिस आपसी जागरूकता और मान-सम्मान के आधार पर बने हैं वही अन्य धर्मों के साथ रिश्तों के लिए भी जरूरी है। मुझे लगता है कि खासतौर पर मुसलमानों के लिए।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493