पियानोवादक ने संगीत के जरिए छेड़ी मुहिम

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश में जहां एक ओर दादरी हत्याकांड, दुष्कर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को लेकर विवादों का दौर चल रहा है, वहीं एक पियानोवादक अनिल श्रीनिवासन को उम्मीद है कि वह संगीत की शक्ति की बदौलत मुहिम चलाकर दुनिया में अपना सकारात्मक और रचनात्मक योगदान दे पाएंगे।

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश में जहां एक ओर दादरी हत्याकांड, दुष्कर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को लेकर विवादों का दौर चल रहा है, वहीं एक पियानोवादक अनिल श्रीनिवासन को उम्मीद है कि वह संगीत की शक्ति की बदौलत मुहिम चलाकर दुनिया में अपना सकारात्मक और रचनात्मक योगदान दे पाएंगे।

श्रीनिवासन ने आईएएनएस को एक साक्षात्कार में कहा, “दुर्भाग्य से देश इस समय बेहद अजीब हालात में है। ध्रुवीकरण कर हमें बांटा जा रहा है। हर बात राजनितिक रंग ले रही है। हम केवल इंसानों के खिलाफ ही हिंसा नहीं कर रहे, बल्कि इस देश को जिस भावना का प्रतिनिधित्व करना चाहिए, उसके खिलाफ भी हिंसा कर रहे हैं।”

श्रीनिवासन ने कहा कि पियानो की परंपरा को शुरू करने को वह प्रमुखता दे रहे हैं। इसके जरिए वह नकारात्मकता से ध्यान हटाकर कुछ रचनात्मक करना चाहते हैं।

श्रीनिवासन का नया अल्बम ‘टच’ इस सप्ताह जारी किया जाएगा।

संगीतकार ने कहा, “एक दूसरे के खिलाफ शिकायतें या आरोप-प्रत्यारोप करने से ज्यादा बेहतर है कि हम रचनात्मक योगदान दें। हमारी पियानो की परंपरा नहीं रही है, आइए इसे शुरू करें। अपना सकरात्मक योगदान देने की कोशिश करें।”

श्रीनिवासन ने कहा, “बतौर कलाकार हम सभी आवाज उठा सकते हैं, लेकिन ज्यादा जरूरी है कि हम परंपरा को जारी रहने दें। आम व्यक्ति को रोटी, कपड़ा और मकान की और उन परंपराओं की चिंता है, जिन पर हमारी आने वाली पीढ़ियां चल सकें।”

अपने इस नए अल्बम ‘टच’ के बारे में बताते हुए श्रीनिवासन ने कहा कि पियानो में भारतीय संदर्भ में भी विविध ध्वनियां हो सकती हैं।

श्रीनिवासन ने कहा, “यद्यपि पियानो बॉलीवुड का एक पुराना हिस्सा रहा है, लेकिन इसे कमतर आंका जाता है। इसी समय हमने वह काम शुरू किया है जो भारतीय पियानो परंपरा का प्रतिनिधित्व करेगा।”

अल्बम में 15वीं सदी में नरसिन्ह मेहता द्वारा लिखित अमर भजन ‘वैष्णव जन तो’ का एक पियानो प्रस्तुतिकरण भी है।

तीन वर्ष पूर्व निर्भया कांड के समय पीड़िता को श्रद्धांजलि के तौर पर श्रीनिवासन ने बांसुरीवादक राकेश चौरसिया के साथ मिलकर यह ट्रैक इंग्लैंड में उस दिन ‘लाइव’ पेश किया था, जब इस मामले को लेकर हंगामा अपने चरम पर था।

श्रीनिवासन ने कहा, “यह गीत संवेदना के बारे में है और हमारी संस्कृति महिलाओं को सम्मान देने के इतिहास की रही है। हमने लगातार इसके लिए प्रदर्शन करने का निश्चय किया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किससे लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।”

श्रीनिवासन ने कहा, “लोग भारत के बारे में बेहद असम्मानजनक बातें लिख रहे थे और हमारी यह ट्रैक निर्भया के लिए श्रद्धांजलि थी।”

‘टच’ एक नवंबर को जारी की जाएगी और यह आई ट्यून्स पर उपलब्ध होगा। अल्बम में तीन संगीत वीडियो भी होंगे जो अगले महीने के दौरान लॉन्च किए जाएंगे।

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