ब्रिक्स देशों ने मॉस्को घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। ब्रिक्स समूह के देशों -ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका- आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में बहुपक्षीय अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के समर्थन के लिए संसाधनों के सह-निवेश पर रजामंद हो गए हैं।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अगुवाई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 28 अक्टूबर को मॉस्को में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए आयोजित ब्रिक्स मंत्रियों की तीसरी बैठक में इस आशय के एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसे ‘मॉस्को घोषणापत्र’ नाम दिया गया है।

मंत्रालय की ओर से यहां जारी बयान के अनुसार, यह घोषणापत्र साझा वैश्विक और क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान और विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) के रूप में इस तरह के संचालकों के उपयोग में ब्रिक्स की साझेदारी को दर्शाता है।

ब्रिक्स के एसटीआई मंत्रियों ने ब्रिक्स विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग पर एक ब्रिक्स कार्य योजना 2015-18 का भी अनुमोदन किया।

ब्राजील की अगुवाई में पहले से सहमत विषयगत क्षेत्रों जैसे प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम और शमन में ब्रिक्स सहयोग के विस्तृत तौर-तरीकों, रूस के नेतृत्व में जल संसाधन और प्रदूषण से निपटने, भारत की अगुवाई में विकास के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और उसके उपयोग; चीन के नेतृत्व में बिजली (लाइटनिंग) की अच्छी व्यवस्था पर फोकस करते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता का जिक्र इस कार्य योजना में किया गया है।

ब्रिक्स के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रियों की तीसरी बैठक में भारत में ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक फोरम सचिवालय की मेजबानी करने संबंधी भारतीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

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