भुवनेश्वर, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बंगाल की खाड़ी में ओडिशा समुद्र तट पर समुद्र में गश्ती को बंद करने को लेकर भारतीय तटरक्षक व ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
सामाजिक कार्यकर्ता अखंड द्वारा दाखिल याचिका पर कार्रवाई करते हुए एनएचआरसी ने भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक व ओडिशा के मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
अखंड ने आरोप लगाया, “कुछ आतंकवादी समूहों से पुरी के जगन्नाथ मंदिर को खतरे के बावजूद बिना किसी वैध कारण के गश्ती को बंद कर देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया गया।”
उन्होंने कहा कि मुंबई में साल 2008 में हुए हमले के बाद समुद्री पुलिस, समुद्री मछुआरों व वन विभाग ने भारतीय तटरक्षक के साथ मिलकर शहर के निकट समुद्री गश्ती की शुरुआत की थी।
अखंड ने कहा कि सितंबर महीने के तीसरे सप्ताह से समुद्री गश्ती को बंद कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने कहा, “कई मौकों पर पड़ोसी राज्यों के यात्री सहित बांग्लादेश के यात्री ओडिशा के समुद्री तट में दो से तीन किलोमीटर तक अंदर प्रवेश कर जाते हैं, जो राज्य के आदेशों का उल्लंघन है। आदेश के अनुसार, तट से पांच किलोमीटर के दायरे में अन्य राज्यों या देशों के यात्रियों के घुसने या मछली पकड़ने पर रोक है।”
उन्होंने एनएचआरसी से समुद्री गश्ती के लिए पूरे प्रबंध करने की राज्य सरकार व भारतीय तटरक्षक को आदेश जारी करने की अपील की।
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