वाशिंगटन, 4 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका और रूस के दो लड़ाकू विमानों ने मंगलवार को सीरिया के एक ही हवाई क्षेत्र में उड़ान भरी।
सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ हवाई हमले में लगे दोनों देशों के बीच विमान दुर्घटनाओं से बचने के लिए तैयार किए गए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह उड़ान परीक्षण किया गया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण मध्य सीरिया में करीब तीन मिनट तक यह उड़ान परीक्षण किया गया। इसका मकसद “दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन में कहे गए सुरक्षा प्रोटोकाल की पुष्टि करना था।”
एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि दोनों विमान एक-दूसरे से आठ किलोमीटर के दायरे में उड़े और इस दौरान इस बारे में परीक्षण किए गए कि हवा में एक-दूसरे से टकराने से बचने के लिए संचार और संवाद की किस प्रणाली को अपनाना होगा।
यह समझौता सीरिया में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अमेरिका और रूस के विमानों के काफी नजदीक आने की एक घटना के बाद किया गया।
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