लखनऊ , 8 नवम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने रविवार को कहा कि नदियों की सफाई एक सामाजिक कार्य है। नदियों एवं पर्यावरण के प्रदूषण की समस्या पूरे देश की अहम समस्या है। नदियों एवं पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए छात्रों एवं युवाओं को नदियों की सफाई से जोड़ा जाए तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
राम नाईक ने गोमती नदी सफाई एवं पर्यावरण पर गोमती मित्र मंडल द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर ये बातें कहीं। इस अवसर पर लखनऊ के महापौर डॉ. दिनेश शर्मा, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.बी. निमसे एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनय पाठक भी मौजूद थे।
नाईक ने कहा कि गोमती नदी लखनऊ की पहचान है। गोमती स्वच्छ एवं निर्मल रहे इसके लिए संयुक्त रूप से संकल्प लेने की जरूरत है। देश का भविष्य तब अच्छा होगा जब उत्तर प्रदेश का भविष्य अच्छा होगा, उत्तर प्रदेश का भविष्य तब अच्छा होगा जब लखनऊ अच्छा होगा तथा लखनऊ का भविष्य तब अच्छा होगा जब गोमती स्वच्छ एवं निर्मल होगी।
राज्यपाल ने कहा कि नदियों की सफाई एवं सुरक्षा में भक्ति, आस्था और ज्ञान का संगम है। लोगों को ज्ञान देने की आवश्यकता है तथा समाज में दायित्व बोध का होना भी जरूरी है। गोमती साफ होगी तो गंगा भी साफ होगी। नदियों को साफ रखने की जिम्मेदारी सबकी है। सफाई के साथ-साथ गंदगी और कूड़े के निस्तारण की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
dharmpath.com dharmpath