नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को थल सेना के केंद्रीय डाटा केंद्र, सेना क्लाउड और डिजी लॉकर का उद्घाटन किया।
पर्रिकर ने डिजिटल आर्मी प्रोग्राम के एक हिस्से के रूप में शुरू किए गए कदमों पर सेना को बधाई देते हुए कहा कि यह दस्तावेजों के त्वरित इस्तेमाल, सूचना और सेवाओं की तीव्र आपूर्ति में सहायक हो सकता है।
पर्रिकर ने ऐसी सेवाओं के फायदों और प्रौद्योगिकी उन्नयन को अपनाकर हर व्यक्ति को शिक्षित और संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रणाली का रखरखाव, निरीक्षण और सुरक्षा भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सेना क्लाउड के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं में शामिल हैं- केंद्रीय आंकड़ा केंद्र और नीयर लाइन डेटा सेंटर। ये दोनों केंद्र दिल्ली में होंगे। इसके अलावा आपदा से होने वाली भरपाई के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाने के लिए विजुअल सर्वरों और स्टोरेज की भी व्यवस्था रहेगी।
एक अधिकारिक बयान के अनुसार, यह राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) के मेघराज जैसा होगा और यह भारतीय सेना के लिए सभी सूचना प्रौद्योगिकी सुलभ कराएगा। इस क्षेत्र में नवीनतम प्रौद्योगिकियां पहली बार सॉफ्टवेयर डेटा सेंटर लागू होने के साथ ही काम करने लगेंगी, जहां सभी संसाधनों को एक बटन दबाते ही क्लाउड के तहत जुड़े विभिन्न एप्लीकेशंस के तहत संचालित किया जा सकेगा।
बयान के अनुसार, उपभोक्ता सेना डेटा नेटवर्क पर कहीं से भी किसी भी समय इन आंकड़ों को हासिल, वितरण और भंडारण कर सकता है। इसके लिए बुनियादी ढांचे और प्लेटफॉर्म की डिजिटल स्वचालित सेवा भी उपलब्ध रहेगी, जो सेना की सभी शाखाओं में सुलभ कराई जाएगी।
सेना मुख्यालय में इस मौके पर थल सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सुहाग, उपसेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एम. एम. एस. राय, सिंग्नल कोर के प्रमुख और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
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