दशम महाविद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं त्रिपुर सुंदरी

tripurबरेली। नाथ नगरी में मां की उपासना एक और प्रमुख केंद्र है बद्रीश आश्रम स्थित त्रिपुर सुंदरी देवी का मंदिर। यहां भक्तों को शक्ति संग शिव की उपासना का सौभाग्य भी मिलता है। नवरात्र में देवी शक्ति जागरण को विशेष अनुष्ठान होता है।

पीलीभीत रोड पर स्थित इस त्रिपुर सुंदरी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा आश्रम स्थापना के साथ 2005 में हुई। तब से आश्रम में मां की अखंड ज्योति भी निरंतर प्र“वलित है। मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की हर मुराद पूरी होती है। इन दिनों मंदिर शक्ति जागरण का विशेष अनुष्ठान चल रहा है। इसके लिए बद्रीनाथ धाम से ब्राहमण आए हैं। सप्तमी को मां का जागरण होगा जिसके साथ शक्ति जागरण का अनुष्ठान पूर्ण होगा।

आश्रम के पुजारी पंडित आशुतोष वाणी महाराज ने बताया कि त्रिपुर सुंदरी जीवात्मा में भी विद्यमान है। जीवात्मा में इड़ा, पिंगला, सुषुम्णा रूप में विद्यमान है। ऐसे ही देवताओं में ब्रहमा, विष्णु, महेश, देवियों में महालक्ष्मी, महा सरस्वती, महाकाली और प्रकृति में सद्, चित्त और आनंद रूप में विद्यमान है। इन्हें शिव की शक्ति माना जाता है। इन्हीं से शिवलिंग ज्योर्तिमय होते हैं। इसलिए मंदिर में भी मां की मूर्ति के आगे शिवलिंग स्थापित है। आशुतोष महाराज ने बताया कि देवी की दशम महाविद्या की अधिष्ठात्री भी त्रिपुर सुंदरी है। देवी साधक शक्ति जागरण के लिए त्रिपुर सुंदरी की उपासना अवश्य करते हैं।

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