लंदन, 13 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत अब पूर्वव्यापी कराधान का सहारा नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि भारत स्वीकारता है कि ऐसे कदम मौजूदा व संभावित निवेशकों के मूड पर विपरीत प्रभाव डाल रहे हैं।
मोदी ने गुरुवार देर शाम लंदन के ऐतिहासिक गिल्डहॉल में भारत-ब्रिटेन व्यापार बैठक में कहा, “ऐसे कई नियामक और कराधान मुद्दे या मसले हैं, जो विदेशी निवेशकों की भावनाओं पर विपरीत प्रभाव डाल रहे हैं। हमने अर्से से लंबित मुद्दों को दूर करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।”
मोदी ने कहा, “हम स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि हम पूर्वव्यापी कराधान की मदद या सहारा नहीं लेंगे और यह बात कई तरीकों से जाहिर कर चुके हैं। इसमें विदेशी श्रेणी वाले निवेशकों पर न्यूनतम वैकल्पिक कर न लगाना शामिल है।”
उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारी कर व्यवस्था पारदर्शी व पूर्वानुमानित हो। हम यह भी होता देखने के इच्छुक हैं कि वास्तविक निवेशकों और ईमानदार कर दाताओं को कर संबंधी मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष फैसले मिलें।”
मोदी ने कहा कि इन कदमों ने परिणाम के रूप में न केवल विदेशी निवेशकों की भावनाएं सकारात्मक हुई हैं, बल्कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल अब तक आगत इक्विटी 40 फीसदी तक बढ़ी है।
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