लंदन, 17 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय मूल के एक ब्रिटिश माओवादी नेता पर महिला को ‘मनोवैज्ञानिक रूप से नग्न करने’, उसके साथ दुष्कर्म करने और उसे अमानवीय यौन कृत्य करने के लिए मजबूर करने के आरोप में मुकदमा चलाया जा रहा है।
‘द डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अरविंद बालाकृष्ण नाम के इस आदमी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। उस पर आरोप है कि उसने मनोवैज्ञानिक तौर तरीकों से महिला के मस्तिष्क पर नियंत्रण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और अमानवीय यौन कृत्य किए। उसने यह कृत्य ब्रिक्सटन स्थित अपने घर में कई सत्रों में किया।
लंदन में ‘कामरेड बाला’ के नाम से चर्चित बालाकृष्णन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। इन आरोपों में बच्चे के साथ क्रूर व्यवहार और बंधक बनाना भी शामिल हैं।
पीड़ित महिला इस नेता की अनुयायी थी। इसके चंगुल से 1989 में भाग गई थी। अपने साथ हुए कथित यौन शोषण के बारे में उसने 2013 में जुबान खोली और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
अब 64 साल की हो चुकी पाड़ित ने साउथवर्क की फौजदारी अदालत को बताया कि किस तरह बाला ने ‘उसके दिमाग पर कब्जा कर लिया था।’ बाला की उम्र 75 साल है।
महिला ने अदालत को बताया कि बाला ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे इसका विस्तृत विवरण एक डायरी में रखने पर विवश किया। वह उसे अपमानित करने के लिए इस डायरी को अपने मतावलंबियों के बीच पढ़कर सुनाता था।
ब्रिक्सटन में एक घोर वामपंथी संगठन की स्थापना करने वाले बाला पर महिलाओं के साथ ‘जानवरों जैसा सलूक’ करने का भी आरोप है।
महिला ने कहा कि उसने कभी इन सबका विरोध नहीं किया, क्योंकि उसे लगता था कि उसके साथ किए जाने वाले ये व्यवहार उसे ‘क्रांति के एक स्तर तक उठा रहे हैं।’
महिला ने कहा, “वह पूर्ण नियंत्रण रखता था। कभी भी प्रतिरोध के बारे में नहीं सोचा जा सकता था और उससे ये नहीं कहा जा सकता था कि ‘मैं अंदर नहीं जाऊंगी, मैं ऐसा नहीं होने देना चाहती।’ हम प्रशिक्षित पशुओं के समान थे।”
महिला ने अदालत को बताया कि वह 23 साल की उम्र में एक प्रदर्शन के दौरान बालाकृष्णन से मिली थी। जल्द ही वह उस पर मोहित हो गई और उसके ‘वर्कर्स इंस्टीट्यूट’ में शामिल हो गई।
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