शिकागो, 19 नवंबर (आईएएनएस)। मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली को मुंबई की टाडा अदालत ने आरोपी बनाया है लेकिन इसका महज प्रतीकात्मक अर्थ ही है। क्योंकि, हेडली और अमेरिका सरकार के बीच हुए एक समझौते के मुताबिक उसे भारत नहीं भेजा जा सकता। उसकी केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गवाही हो सकती है।
शिकागो, 19 नवंबर (आईएएनएस)। मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली को मुंबई की टाडा अदालत ने आरोपी बनाया है लेकिन इसका महज प्रतीकात्मक अर्थ ही है। क्योंकि, हेडली और अमेरिका सरकार के बीच हुए एक समझौते के मुताबिक उसे भारत नहीं भेजा जा सकता। उसकी केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गवाही हो सकती है।
मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली के वकील ने कहा कि उन्हें पता है कि एक भारतीय अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हेडली की गवाही का आग्रह किया है।
हेडली के वकील जान थिइस ने इस बारे में कोई और जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि भारत की एक टाडा अदालत ने हेडली की वीडियो कांफ्रेंसिग का आग्रह किया है।
थिइस से आईएएनएस ने पूछा था कि क्या हेडली की वाया वीडियो गवाही होगी। थिइस ने हेडली और अमेरिका सरकार के बीच हुए अपराध दंड समझौते (प्ली एग्रीमेंट) के बिंदुओं का जिक्र किया। इसमें कहा गया है कि अपना दोष मानने पर हेडली को फांसी नहीं होगी और न ही उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा।
हेडली मुंबई हमलों की साजिश के जुर्म में अमेरिका में 35 साल कैद की सजा काट रहा है।
अपराध दंड समझौते में कहा गया है कि प्रतिवादी (हेडली) इस बात पर राजी है कि अमेरिकी महान्यायवादी दफ्तर के कहने पर वह विदेशी न्यायिक प्रक्रिया में मदद देगा। इसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मदद देने की बात भी शामिल है।
इस तरह के अपराध दंड समझौते मूल रूप से फांसी से बचने के लिए किए जाते हैं। आरोपी को अधिकारियों को बताना होता है कि वह मामले में हर तरह से सहयोग करेगा। इस हिसाब से हेडली की टाडा अदालत के सामने वीडियो के जरिए गवाही की राह में कोई बाधा नहीं है।
वाशिंगटन स्थित न्याय विभाग ने इस बारे में आईएएनएस के सवालों का फिलहाल जवाब नहीं दिया है।
हेडली को शिकागो हवाई अड्डे पर 3 अक्टूबर 2009 को गिरफ्तार किया गया था। आईएएनएस को पता चला है कि पाकिस्तान में जन्मे हेडली की गिरफ्तारी पैगंबर हजरत मोहम्मद के कार्टून छापने वाले डेनमार्क के अखबार मोरगेनाविसेन जाइलैंड्स-पोस्टन पर हमला रचने की साजिश में हुई थी।
लेकिन, यह खुद हेडली था जिसने अमेरिकी अधिकारियों को बताया कि उसने मुंबई हमले की साजिश रची थी। इस हमले में 6 अमेरिकी मारे गए थे। इस आधार पर उसे अमेरिका में कानून का सामना करना पड़ा। इसके लिए उसने अमेरिकी सरकार से अपराध दंड समझौता किया कि उसे न तो फांसी होगी और न ही भारत भेजा जाएगा। वह जानता था कि भारत में उसे बख्शा नहीं जाएगा।
इसीलिए, टाडा अदालत द्वारा हेडली को आरोपी बनाने का महज प्रतीकात्मक अर्थ ही है। उसकी वीडियोकांफ्रेंसिंग भले हो जाए लेकिन उसे भारत भेजे जाने की कोई संभावना नहीं है।
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