न्यूयार्क, 20 नवंबर (आईएएनएस)। मांस खराब हुआ है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए सूंघ कर जांच करने की जगह वैज्ञानिकों ने एक नई विधि की खोज की है। इस खोज में नैनोट्यूब के इस्तेमाल कर मांस के सड़ने का शीघ्र पता लगाया जा सकता है।
व्यापारियों के सामने मांस और सी-फूड को बाजार में लाने तक इसको ताजा बनाए रखना उच्च प्राथमिकता होती है। इस ताजगी को मापने के लिए जिन तरीकों को अपनाया जाता है, उनसे नुकसान की आशंका अधिक रहती है। इसलिए वैज्ञानिकों ने आसान और सुरक्षित तरीकों की खोज की है।
इस परीक्षण द्वारा वैज्ञानिक यांक ची और उनके सहकर्मी शीघ्र परिणाम देने वाली एक साधारण तकनीकको बनाना चाहते थे।
इन्होंने नैनोट्यूब्स के परीक्षण के लिए अलग-अलग बर्तनों को चार दिनों तक एक ग्राम सुअर के मांस, मछली, चिकन और झींगे के मांस से भरकर बंद रखा।
उसके बाद इन्होंने नमूनों से निकलने वाले वाष्प को पोर्टेबल सिस्टम से गुजारा, जिसने एक घंटे के अंदर परिणाम दिया।
इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि अगर नैनोट्यूब्स की चमक 10 प्रतिशत से ज्यादा फीकी पड़ती है, तो इसका मतलब है कि यह (मांस) खराब हो चुका है।
यह अध्ययन एक नई पत्रिका ‘एसीएस’ में प्रकाशित हुआ है।
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