सेंसेक्स, निफ्टी में 1 फीसदी से अधिक तेजी (साप्ताहिक समीक्षा)

मुंबई, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह एक फीसदी से अधिक तेजी रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह 1.01 फीसदी यानी 257.96 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 25,868.49 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.21 फीसदी यानी 94.3 अंकों की तेजी के साथ 7,856.55 पर बंद हुआ।

पिछले सप्ताह सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 में तेजी रही। गेल (23.84 फीसदी), वेदांता (6.76 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (5.29 फीसदी), आईटीसी (4.54 फीसदी) और सिप्ला (4.42 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एक्सिस बैंक (5.09 फीसदी), इंफोसिस (4.32 फीसदी), सन फार्मा (2.06 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.81 फीसदी) और कोल इंडिया (1.27 फीसदी)।

गत सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी करीब एक फीसदी तेजी रही। मिडकैप 1.92 फीसदी या 204.93 अंकों की तेजी के साथ 10,858.41 पर और स्मॉलकैप 2.18 फीसदी या 242.27 अंकों की तेजी के साथ 11,367.71 पर बंद हुआ।

सोमवार 16 नवंबर को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक अक्टूबर महीने में देश का निर्यात 17.50 फीसदी घटकर 21.35 अरब डॉलर रहा, जो लगातार सातवें महीने की गिरावट है। आयात भी 21.20 फीसदी गिरावट के साथ 31.12 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा इस बीच 28.1 फीसदी घटकर 9.77 अरब डॉलर रहा, जो अक्टूबर 2014 में 14.47 अरब डॉलर था।

सोमवार के ही एक अन्य आंकड़े के मुताबिक देश की थोक महंगाई दर अक्टूबर 2015 में नकारात्मक 3.81 फीसदी रही, जो सितंबर में नकारात्मक 4.54 फीसदी थी और अक्टूबर 2014 में 1.66 फीसदी थी।

सातवें वेतन आयोग ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट जमा कर दी, जिसमें आयोग ने करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 55 लाख पेंशन भोगियों के लिए वेतन, भत्ते और पेंशन में 23.55 फीसदी वृद्धि की सिफारिश की है। यदि सरकार इसे स्वीकार करती है, तो यह एक जनवरी 2016 से प्रभावी हो जाएगी। इससे 2016-17 में सरकार का खर्च 1.02 लाख करोड़ बढ़ जाएगा।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की गत महीने हुई मौद्रिक समीक्षा बैठक के गत सप्ताह जारी ब्यौरे के मुताबिक दिसंबर महीने में दर में वृद्धि करने के लिए आर्थिक स्थिति बेहतर रहने की संभावना है। फेड ने 2008 से अपनी दर लगभ शून्य फीसदी रखी हुई है।

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