कुआलालंपुर, 21 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आतंकवाद से मुकाबले के लिए आसियान देशों से सहयोग बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस युग में भारत तथा आसियान जैसे क्षेत्रीय समूह आशा के केंद्र हैं।
मोदी ने यहां 13वें आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन)-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब ढेर सारी वैश्विक चुनौतियां हमारे सामने खड़ी हैं।”
उन्होंने कहा, “इस मुश्किल वक्त में भारत व आसियान आशा के दो उज्जवल केंद्र हैं।”
आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड व वियतनाम शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद एक महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौती बन गई है, जो हम सबको प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा, “आसियान देशों के साथ हमारे संबंध प्रगाढ़ रहे हैं। हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हम किस प्रकार सहयोग बढ़ा सकते हैं। इसमें अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को अंगीकार करने जैसे मुद्दे पर सहयोग पर शामिल है।”
आर्थिक संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत 7.5 फीसदी विकास दर के साथ सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, जबकि आसियान की अर्थव्यवस्था पूरी क्षमता व ऊर्जा के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, “मुझे इस बात में कोई शंका नहीं है कि हम अपने 1.9 अरब लोगों की समृद्धि को और सुदृढ़ करेंगे।”
मोदी ने कहा कि भारत व आसियान के बीच व्यापार थोड़े समय के लिए घटने के बाद साल 2014-15 के बीच बढ़कर 76.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, “मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हमारी अर्थव्यवस्था में विकास के साथ ही हमारे बीच व्यापार व निवेश में भी बढ़ोतरी होगी।”
उन्होंने अपनी सरकार की प्रस्तावित पहल सौर गठबंधन में शामिल होने के लिए आसियान देशों को आमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा, “मैंने सौर ऊर्जा से समृद्ध 122 देशों के साथ एक अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को प्रस्तावित किया है, जिसे फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और मैं 30 नवंबर को पेरिस में लांच करेंगे। हम उसमें भागीदारी के लिए आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं।”
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