गौरतलब है कि हमलावर के भाई मोहम्मद आब्देसलाम को पिछले सप्ताह कुछ देर के लिए हिरासत में लेने के बाद पूछताछ कर छोड़ दिया गया था।
उन्होंने रविवार को अपने भाई से आत्मसमर्पण कर देने के लिए सार्वजनिक तौर पर अपील करते हुए कहा, “ताकि वह हमें, अपने परिवार को और सबसे बढ़कर हमले के पीड़ितों के परिवार वालों के सवालों का जवाब दे सके।”
बेल्जियम के सरकारी प्रसारक आरटीबीएफ को दिए साक्षात्कार में आब्देसलाम ने कहा, “दो या तीन दिन पहले जब वह घर छोड़कर गया तभी मैंने अपने भाई को आखिरी बार देखा था। तब उससे ऐसा कोई संकेत नहीं मिला था। वह हमें अलविदा तक कहकर नहीं गया था। मैं अपने भाइयों के काफी करीब रहा, वे मेरे जीवन का हिस्सा थे, हम आम लोगों की तरह रोजमर्रा की बातें आपस में किया करते थे।”
आब्देसलाम ने बताया कि उनके दोनों भाई सालाह और ब्राहिम बुधवार की शाम से ही घर नहीं आए हैं और मां सोच रही थीं कि वे स्की का मजा लेने छुट्टियों पर गए हुए हैं।
आब्देसलाम ने कहा, “छह महीने पहले मैंने उनके व्यवहार में बदलाव महसूस किया था। वे बिल्कुल स्वस्थ थे, नमाज आदि में ज्यादा वक्त देने लगे थे, शराब पीना बंद कर दिया था, अक्सर मस्जिद जाने लगे थे। लेकिन यह सब उनके चरमपंथ की ओर झुकाव की ओर सीधा संकेत नहीं करता। वे चुप से रहने लगे थे, जिससे मुझे आशंका होने लगी है कि वे चरमपंथी हो गए थे।”
आब्देसलाम ने आरटीबीएफ से कहा कि उसे लगता है कि उसके भाइयों को ‘बरगलाया’ गया है, न कि उन्हें चरमपंथी बनाया गया, क्योंकि “सालाह बहुत ही होशियार था”।
गौरतलब है कि पेरिस हमलों के बाद ब्रसेल्स में शनिवार से ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और संदिग्ध हमलावरों की तलाश जारी है।
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