संयुक्त राष्ट्र, 24 नवंबर(आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 सालों में 90 प्रतिशत आपदाओं की वजह मौसम संबंधी घटनाएं रही हैं। इसमें बाढ़, तूफान और सूखे की लगभग 6,500 घटनाएं शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ‘द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ वेदर रिलेटेड डिजास्टर्स’ के मुताबिक, 1995 से 2015 तक मौसम संबंधी आपदाओं में 6 लाख लोगों की मौत और लगभग 4 अरब लोग घायल हुए हैं।”
इन आपदाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए देशों में अमेरिका, चीन, भारत, फिलीपीन्स और इंडोनेशिया शामिल हैं।
इस रिपोर्ट को यूएन ऑफिस फॉर डिसास्टर रिस्क रिडक्शन (यूएनआईएसडीआर) द्वारा जारी किया गया है। इसके अनुसार, केवल 35 प्रतिशत अभिलेख ही आर्थिक नुकसान की सही जानकारी देते हैं।
यूएनआईएसडीआर का अनुमान है कि आपदाओं से सलाना 250 से 300 अरब डॉलर का नुकसान होता है।
वहीं एक अन्य रिपोर्ट ‘एशिया अकाउंट फॉर द लायन्स शेयर ऑफ डिजास्टर इंपैक्ट्स’ के मुताबिक, इन आपदाओं के कारण 3 लाख 32 हजार लोगों की मौत और 3.7 अरब लोग प्रभावित हुए हैं।
इसके अलावा रिपोर्ट में 1995 से 2015 के बीच बाढ़, तूफान, सूखे से हुई मौतों की संख्या को अलग-अलग श्रेणी में रखा गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की वजह से 1,57 हजार मौतें और 2.3 अरब लोग प्रभावित हुए हैं। तूफान की वजह से अब तक 2 लाख 42 हजार लोगों की मौत हुई है, जिनमें 89 प्रतिशत लोग कम आय वाले देशों के थे।
इसके अलावा उच्च तापमान (गर्मी) की वजह से 1 लाख 48 हजार लोगों की मौत हुई, इनमें 92 प्रतिशत उच्च आय वाले देश के लोग थे।
रिपोर्ट में आखिर में बताया गया है कि अभी तक अफ्रीका अन्य महाद्वीपों की तुलना में सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। 1995 से लेकर 2015 तक की 136 घटनाओं में पूर्वी अफ्रीका ने 77 बार सूखे का संकट झेला है।
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