इस्लामाबाद, 26 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एक अखबार ने अपने देश की सैन्य महिला अफसरों की शान में कसीदे पढ़े हैं। अखबार ने लिखा है कि चाहे थल सेना हो या फिर वायु सेना, पाकिस्तानी महिलाएं हर जगह अपना झंडा गाड़ती नजर आ रही हैं।
इस्लामाबाद, 26 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एक अखबार ने अपने देश की सैन्य महिला अफसरों की शान में कसीदे पढ़े हैं। अखबार ने लिखा है कि चाहे थल सेना हो या फिर वायु सेना, पाकिस्तानी महिलाएं हर जगह अपना झंडा गाड़ती नजर आ रही हैं।
अखबार ने इस बात को रेखांकित किया है कि पाकिस्तान उन चंद मुस्लिम देशों में है जहां महिलाओं के सामने लड़ाकू विमानों का पायलट बनने का अवसर है और जहां इन्हें पुरुष पायलट के समान ही प्रशिक्षण दिया जाता है।
अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने गुरुवार को ‘डेथ इन एक्शन’ शीर्षक के संपादकीय में लिखा कि फ्लाइंग अफसर मरियम मुख्तियार पाकिस्तान की पहली ऐसी महिला पाइलट हैं जिनकी मौत लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से हुई।
पायलट साकिब अब्बासी और सह पायलट मरियम ने हादसे के वक्त भी इस बात का ख्याल रखा कि विमान रिहाइशी इलाके पर न गिरे।
पाकिस्तानी वायुसेना ने कहा कि दोनों पायलट ने पूरे हादसे के दौरान बेहद ऊंचे दर्जे का पेशेवर रुख दिखाया। मरियम शहीद होने वाली देश की पहली महिला फाइटर प्लेन पायलट बन गईं जबकि साकिब को ज्यादा चोट नहीं आई। वायुसेना ने मरियम को सम्मानित करने का फैसला किया है।
अखबार ने लिखा है कि महिला पायलटों को वायुसेना में शामिल किया जाना 2006 से ही शुरू हुआ है। पहले सात महिलाएं वायुसेना में शामिल हुईं। उसके बाद 20 अन्य शामिल हो चुकी हैं। इन सभी का काम उल्लेखनीय पाया गया है।
अखबार ने लिखा यह थोड़ा असामान्य है कि पाकिस्तानी वायु सेना या सेना के किसी भी हिस्से ने हादसे के बारे में जानकारी दी है।
अखबार ने लिखा है, “जानकारियों का सामने आना स्वागत योग्य है। इससे पारदर्शिता तो बढ़ेगी, साथ ही कर्तव्य निभाने के दौरान मरने वाली महिला या पुरुष का सम्मान भी होगा।”
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