अगरतला, 26 नवंबर (आईएएनएस)। भारत 16 दिसंबर से बांग्लादेश को 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति शुरू करने जा रहा है। 16 दिसंबर को भारत और बांग्लादेश दोनों देशों में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन बांग्लादेश एक अलग देश बना था।
अगरतला, 26 नवंबर (आईएएनएस)। भारत 16 दिसंबर से बांग्लादेश को 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति शुरू करने जा रहा है। 16 दिसंबर को भारत और बांग्लादेश दोनों देशों में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन बांग्लादेश एक अलग देश बना था।
त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कारपोरेशन लिमिटेड (टीएसईसीएल) के अध्यक्ष श्यामल राय ने आईएएनएस से कहा, “विजय दिवस को देखते हुए 16 दिसंबर से बांग्लादेश को और 100 मेगावाट बिजली आपूर्ति शुरू करने की तैयारी हो रही है।”
उन्होंने कहा कि गुरुवार को बिजली मंत्रालय नई दिल्ली में एक बैठक में बिजली का किराया तय करने जा रहा है।
टीएसईसीएल के उप महाप्रबंधक महानंद देबवर्मा ने आईएएनएस से कहा, “नई दिल्ली में 26-28 अक्टूबर को हुई बैठक में भारत और बांग्लादेश के अधिकारियों ने बिजली किराया छोड़कर बाकी मुद्दे तय कर लिए थे।”
बिजली आपूर्ति के लिए पश्चिमी त्रिपुरा से पूर्वी बांग्लादेश के दक्षिणी कोमिला तक पारेषण लाइन बिछाई जा रही है। पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (पीजीसीआईएल) के इंजीनियर 16 दिसंबर से पहले इस लाइन का काम पूरा करने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं।
देबवर्मा ने बताया, “18 किलोमीटर पारेषण लाइन भारतीय सीमा में और 29 किलोमीटर लाइन बांग्लादेश की सीमा में होगी। इसके लिए कुल 143 पारेषण टावर भी लगाए जाएंगे।”
इस आपूर्ति से बांग्लादेश के पूर्वी हिस्से में बिजली की किल्लत दूर करने में कुछ हद तक मदद मिलेगी।
बांग्लादेश पश्चिम बंगाल से पहले से 500 मेगावाट बिजली हासिल कर रहा है। नए समझौते के तहत पश्चिम बंगाल बांग्लादेश को 500 मेगावट और बिजली आपूर्ति करने की तैयारी कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6-7 जून की ढाका यात्रा के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से बिजली आपूर्ति पर चर्चा की थी और कहा था कि बांग्लादेश को दी जा रही बिजली 500 मेगावाट से बढ़ाकर 1,100 मेगावाट तक कर दी जाएगी।
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