नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में बैंक की कैश वैन से 22.5 करोड़ रुपये चुराने के सनसनीखेज मामले को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को 10 घंटे के अंदर ही सुलझाने का दावा किया। पुलिस ने 22.5 करोड़ रुपये नकद चुराकर भागे चालक प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि 11,000 रुपये के अतिरिक्त शेष पूरी राशि चालक के पास से बरामद कर ली गई है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनदीप सिंह रंधावा ने कहा, “दिल्ली पुलिस के इतिहास में कैश वैन से धन हड़पने के सबसे बड़े मामले को तेजी से सुलझा लिया गया है।”
उन्होंने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी प्रदीप शुक्ल को घटना के 10 घंटे के अंदर तड़के तीन बजे ओखला के एक गोदाम से गिरफ्तार कर लिया गया।
चालक प्रदीप शुक्ला और सुरक्षाकर्मी विनय पटेल सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेस (एसआईएस) के कर्मचारी थे और इन्हें 22.5 करोड़ रुपया दिल्ली के ओखला में एक्सिस बैंक के एटीएम में रखने का काम दिया गया था।
यह घटना गुरुवार अपरान्ह को हुई, जब दोनों पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी एक्सिस बैंक शाखा से ओखला के एटीम में पैसे रखने जा रहे थे। वैन में नौ बक्सों में धन रखा हुआ था।
डीसीपी रंधावा ने बताया, “दोपहर 3.41 बजे वैन जब श्रीनिवासपुरी पहुंची तो सुरक्षाकर्मी ने लघुशंका के लिए चालक से गाड़ी रोकने के लिए कहा।”
जैसे ही सुरक्षाकर्मी वैन से उतरा, चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया।
रंधावा ने बताया, “जब पटेल ने शुक्ला को फोन किया तो उसने बहाना बनाया कि ट्रैफिक पुलिस ने उसे गाड़ी पार्क नहीं करने दी थी। कुछ देर बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया।”
इसके बाद पटेल ने शाम 4.30 बजे बैंक की ओखला शाखा जाकर शाखा प्रमुख आनंद कुमार को घटना की जानकारी दी।
रंधावा ने कहा कि कोटला मुबारकपुर में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहने वाला शुक्ला गाड़ी लेकर भाग गया और उसने सभी पैसे ओखला के एक गोदाम में छिपा दिए। इसके बाद वह गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन वापस आया और वहां वैन छोड़कर वापस ओखला चला गया। बैंक के एक कर्मचारी ने वैन देखी और उसने गुरुवार शाम 5.48 बजे चोरी की जानकारी पुलिस को दी।
शुक्ला का अगला कदम गोदाम से भागना था लेकिन इससे पहले ही वह पकड़ा गया। पुलिस को शुक्ला तक पहुंचाने में वैन में लगे जीपीएस ने काफी मदद दी।
रंधावा ने कहा कि पुलिस ने मामला सुलझाने के लिए कई टीमें बनाई थीं। एक टीम उसके बलिया स्थित पैतृक मकान पर छापा मारने के लिए भी भेजी गई थी।
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